आदमपुर खंड के गांव मोहब्बतपुर और ढाणी मोहब्बतपुर में उच्च न्यायालय के आदेश के बाद आखिर चकबंदी का काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन ग्रामीण इस चकबंदी के काम से खुश नहीं हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों ने गलत तरीके से चकबंदी की है।
कुछ रसूखदार लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए छोटे किसानों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। किसानों को जब चकबंदी से पहले ये बताया गया था कि प्रति एक एकड़ के हिसाब से तीन मरले जमीन काटी जाएगी, जिससे गांव के रास्ते तथा खाले काटे जाएंगे, लेकिन अब अधिकारी प्रति एकड़ के हिसाब से 9 मरले जमीन काट रहे हैं।
इसके अलावा जो पासबुक किसानों को दी जा रही है, उसमें पूरा रिकॉर्ड भी दर्ज नहीं है। नई चकबंदी में नियम 21(1) के तहत वीरवार को जमीन की पासबुक बांटने का काम लगभग पूरा हुआ। इससे पहले गांव में दो बार की गई चकबंदी का कार्य सिरे नही चढ़ पाया था।
अब 50 साल बाद गांव में चकबंदी कार्य पूरा हुआ है। वहीं पंचायत भवन में गांव के अनेक ग्रामीणों ने गलत चकबंदी करने की बात कहते हुए अधिकारियों के समक्ष जमकर बवाल काटा।
सुबह चकबंदी अधिकारी एवं तहसीलदार सुखबीर सिंह बूरा, सहायक चकबंदी अधिकारी सीताराम, कानूनगो सुरेंद्र सिंह, पटवारी रमेश, दिलबाग और राजपाल गांव में पहुंचे। सहायक चकबंदी अधिकारी सीताराम द्वारा नियम 21(1) के तहत की गई तकसीम की तहसीलदार और ग्रामीणों ने मंजूरी दी।
15 दिन के अंदर जता सकता है एतराज
चकबंदी अधिकारी एवं तहसीलदार सुखबीर सिंह बूरा ने बताया कि अगर किसी किसान को अपना कोई भी एतराज है तो 15 जुलाई तक अपील कर सकता है। सोमवार से सभी रास्ते शुरू कर दिए जाएंगे।