हिसार। शहर के प्रमुख बाजारों में अपराध पर नजर रखने के लिए 50 लाख रुपये की लागत से लगाए गए 44 हाईटेक सीसीटीवी कैमरे रखरखाव के अभाव में खराब पड़े हैं। अमर उजाला ने 9 सितंबर के अंक में यह मुद्दा उठाया था लेकिन कारोबारियों का आरोप है कि नगर निगम ने अब तक सुध नहीं ली।
खराब कैमरों की जगह लगाए गए छोटे कैमरे भी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं और उनकी फुटेज की गुणवत्ता खराब है। इससे चोरी, लूटपाट या अन्य वारदात के बाद आरोपियों की पहचान करना पुलिस के लिए मुश्किल हो रहा है।
करीब तीन साल पहले तत्कालीन राज्यसभा सांसद डाॅ. सुभाष चंद्रा ने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडी) कोष से कैमरे लगाने के लिए 50 लाख रुपये की ग्रांट दी थी। वर्ष 2021 में योजना तैयार हुई और 2022-23 में पारिजात चौक से राजगुरु मार्केट, नागोरी गेट मार्केट और अन्य प्रमुख रास्तों को 44 कैमरों से कवर किया गया।
इनका मॉनिटरिंग सिस्टम हिसार पुलिस के कंट्रोल रूम से जुड़ा था। शुरुआत में फुटेज से वारदात की जांच में पुलिस को मदद मिली लेकिन नियमित रखरखाव नहीं होने से कैमरे खराब होते गए।
हाईटेक कैमरों की जगह लगाए गए सस्ते कैमरे
कारोबारियों के अनुसार खराब हाईटेक कैमरों की जगह छोटे और सस्ते कैमरे लगाए गए हैं। रात या दूर से आने वाले व्यक्ति और वाहन की स्पष्ट पहचान करना मुश्किल होता है। इससे बाजारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।
करोड़ों रुपये के कारोबार वाले बाजारों में सीसीटीवी के रखरखाव की स्थायी व्यवस्था होनी चाहिए। हाईटेक कैमरों के खराब होने के बाद लगाए गए छोटे कैमरों की फुटेज धुंधली है। नागोरी गेट के कैमरों का कंट्रोल रूम पहले इसी मार्केट में था, जिसे अब राजगुरु मार्केट में कर दिया गया है। इससे परेशानी हो रही है।
- मंगल ढालिया, प्रधान, व्यापार एसोसिएशन, नागोरी गेट मार्केट, हिसार।
नगर निगम ने राजगुरु मार्केट में सीसीटीवी लगवाए हुए हैं, जो ठीक चल रहे हैं। नागोरी गेट पर निगम ने सीसीटीवी नहीं लगवा रखे हैं। बाकी जांच करवा लेंगे।
- अमित बेरवाल, एमई, नगर निगम।