कैशलेस सिस्टम के लिए शुक्रवार को फिर से बैठक होगी, जिसमें सरकारी महकमों में करीब 700 से अधिक स्वाइप मशीन लगाने के लिए योजना बनाएंगे। इसके अलावा निजी संस्थानों में भी इसे लागू करने पर मंथन होगा।
कैशलेस सिस्टम के लिए प्रशासन की शुक्रवार को फिर से बैंक अधिकारियों के साथ मीटिंग होगी। इसमें बैंक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है, जिसमें शहर में अधिक से अधिक स्थानों पर स्वाइप मशीन के लिए प्रेरित किया जाएगा। पहले चरण में सरकारी महकमों में यह मशीन लगाई जाएंगी। इसमें बिजली निगम, नगर निगम, जनस्वास्थ्य, हुडा, यूनिवर्सिटी, कॉलेज आदि में पहले यह मशीन लगाई जाएंगी।
जिले में काम कर रहीं 850 मशीन
हिसार जिले में फिलहाल 850 से अधिक संस्थानों पर स्वाइप मशीन काम कर रही हैं, जिसमें सभी बैंक, ब्रांडेड शोरूम के अलावा अन्य दुकानों पर यह मशीन लगी हैं। एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआईसी तथा एसबीआई की ओर से यह मशीन उपलब्ध कराई गई हैं।
बीस दिन में मिले 45 ऑर्डर
एचडीएफसी बैंक प्रबंधन के अनुसार नोटबंदी के बाद अब तक करीब 45 मशीनों को ऑर्डर आ चुुके हैं। एक सप्ताह में इन सभी उपभोक्ताओं को मशीन उपलब्ध करा दी जाएंगी। स्वाइप मशीन लगाने के लिए बैंक में करंट अकाउंट जरूरी है।
महीने में एक लाख का लेनदेन वालों को फायदा
बैंक के अनुसार एक स्वाइप मशीन 5 हजार रुपये से लेकर दस हजार रुपये की कीमत की है। बैंकों की ओर से रेंट पर भी इसे उपलब्ध कराया जाता है। जिस संस्थान में महीने में एक लाख से अधिक का लेनदेन होता है उनके लिए यह मशीन अधिक फायदेमंद है। ऐसे लोगों को स्वाइप चार्जेज बेहद नाममात्र रहते हैं।
पोस्ट ग्रेजुएट युवाओं की ट्रेनिंग शुरू
बेरोजगार युवाओं को ट्रेनिंग देने का काम शुरू हो गया है। पीएनबी की ओर से युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें मोबाइल एप, स्वाइप मशीन का उपयोग, आनलाइन बैंकिंग, नेट बैंकिंग के फायदों से अवगत कराया जा रहा है। युवाओं की यह टीएम एक सप्ताह बाद लाइनों में खडे लोगों को प्रेरित करने के लिए जाएगी। निजी संस्थानों को भी यह टीम जागरूक करेगी। इन पोस्ट ग्रेजुएट बेरोजगार युवाओं को सरकार के रोजगार कार्यालय की ओर से 9 हजार रुपये मासिक भत्ता दिया जाएगा।