करीब 4500 रुपये के नकली टिकटों के साथ पकडे़ गए परिचालक भागीरथ शर्मा तथा चालक दलबीर सिंह पर सदर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। रोडवेज जीएम की शिकायत पर इन दोनों पर मारपीट, धोखाधड़ी, नकली टिकट का केस दर्ज किया गया है। सिंह के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 तथा 323 के तहत केस दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार फतेहाबाद के जीएम धनराज कुंडू की फ्लाइंग टीम ने 5 अगस्त को हिसार भादरा रूट पर चलने वाली बस की जांच की। इस बस में महासंघ से जुड़ी रोडवेज कर्मचारी यूनियन महासंघ के पूर्व प्रधान भागीरथ शर्मा परिचालक के तौर पर तैनात थे। फ्लाइंग टीम ने थैला मांगा तो परिचालक ने थैला देने से इनकार कर दिया।
फ्लाइंग ने थैला लेकर जांच की तो उसमें 3300 रुपये की नकली टिकटें बरामद हुई। फ्लाइंग ने सभी सवारियों की टिकटों को जांचा तो उसमें 1200 रुपये की नकली टिकटें मिली। इन टिकटों पर रोडवेज की ओर से दिया जाने वाला सिक्योरटी नंबर नहीं था। भागीरथ शर्मा को कुछ समय पहले महाबीर बिश्नोई की टीम ने 1500 रुपये की टिकटों के गबन के आरोप में पकड़ा था। इससे पहले चंडीगढ़ की एक टीम ने भी टिकट के मामले में पकड़ा था। यूनियन के नेता भागीरथ शर्मा को निलंबित भी किया गया था।
जीएम ने चंडीगढ़ भेज रखी है रिपोर्ट
फतेहाबाद जीएम धनराज कुंडू ने इस बारे में पूरी रिपोर्ट हिसार जीएम खूबीराम कौशल को सौंपी थी, जिसके बाद जीएम खूबीराम कौशल ने 6 अगस्त को परिचालक भागीरथ शर्मा को निलंबित कर दिया था। चालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। जीएम ने इस पूरे मामले की रिपोर्ट चंडीगढ़ मुख्यालय को भेज दी थी। चंडीगढ़ मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद उन्होंने 12 अगस्त को सदर थाना पुलिस को एफआईआर के लिए पत्र लिखा।