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गणेश की मौत का मामला : पुलिस-प्रशासन ने कराया पोस्टमार्टम, अंतिम संस्कार के लिए 12 घंटे का अल्टीमेटम, संगठनों ने बुलाई महापंचायत

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घर के बाहर चस्पाया गया नोटिस
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हिसार। बारह क्वार्टर क्षेत्र की ढाणी शिवदत्त में बीती 7 जुलाई को छत से गिरने से मृतक गणेश के शव का मंगलवार को 8वें दिन परिजनों की सहमति के बगैर पुलिस की निगरानी में पोस्टमार्टम करा दिया गया। इसके साथ ही हरियाणा मानवीय शव ससम्मान निपटान अधिनियम 2025 की धारा 8(1) के तहत नोटिस जारी किया कर 12 घंटे के भीतर अंत्येष्टि करने का निर्देश दिया है। प्रदेश भर में एक जुलाई से लागू इस कानून के तहत यह पहला नोटिस जारी किया गया है। इसकी कॉपी गणेश घर के दरवाजे पर चस्पा की गई है। उधर, नागरिक अस्पताल में धरने पर बैठे परिजनों और अनुसूचित जाति संगठनों ने 16 जुलाई को सुबह 11 बजे राजपूत धर्मशाला में महापंचायत बुलाई है।
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अनुसूचित जाति के संगठन मंगलवार को नागरिक अस्पताल में धरने पर बैठे रहे। सुबह पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने धरनास्थल पर पहुंचकर गणेश के शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए कहा। इस पर वहां मौजूद लोगों ने कहा कि मृतक के परिजन अभी यहां नहीं हैं, इस बारे हम कुछ नहीं बता सकते। इसके बाद पुलिस ने हरियाणा मानवीय शव ससम्मान निपटान अधिनियम 2025 के तहत ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार नवदीप सिंह की निगरानी में सिविल अस्पताल की मोर्चरी में शव का पोस्टमार्टम करवाया। मौके पर डीएसपी सुनील कुमार, डीएसपी तनुज शर्मा, एचटीएम थाना प्रभारी नवीन कुमार व पुलिस बल मौजूद था।धरनारत लोगों ने कहा कि पुलिस-प्रशासन ने मृतक के परिजनों की गैर मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम करवाया है। यह सांविधानिक नहीं है। उन्होंने कहा, जिस घर पर नोटिस चस्पा किया है वह मृतक का नहीं है। उसके पिता विक्रम पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में केस दायर करने के लिए चंडीगढ़ गए हैं। जब तक परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक धरना जारी रहेगा। इससे पहले पोस्टमार्टम डॉ. सुनील नैन, डॉ. कुलबीर और डॉ. कविता के बोर्ड ने वीडियोग्राफी के बीच किया।



यह है मामला

7 जुलाई की देर रात ढाणी शिवदत्त में हिस्ट्रीशीटर शिवा की जन्मदिन पार्टी में तेज आवाज में बज रहे डीजे को बंद कराने पहुंची थी। इसके बाद दोनों पक्षों में टकराव हो गया था। वहां मौजूद लोगों ने पुलिस पर पथराव किया। पुलिस किशोर गणेश व उसके साथी आकाश को पकड़ने के लिए छत पर चढ़ी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने गणेश को छत से नीचे धक्का दे दिया। इससे उसकी मौत हो गई। पुलिस इससे इन्कार करते हुए कह रही है कि गणेश ने छत से छलांग लगाई थी। जनसंगठनों की मांग है कि संबंधित पुलिस कर्मियों पर हत्या और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया जाए।
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शव ससम्मान निपटान कानून के तहत प्रदेश भर में पहला नोटिस

मृतक के परिजनों को कार्यपालक दंडाधिकारी कम नायब तहसीलदार की ओर से हरियाणा मानवीय शव ससम्मान निपटान अधिनियम 2025 की धारा 8(1) के तहत नोटिस जारी किया गया है, जिसमें 12 घंटे के भीतर गणेश के शव की अंत्येष्टि करने का निर्देश दिया गया है। इस कानून के तहत प्रदेश भर में पहला नोटिस जारी किया गया है।

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परिजनों की सहमति के बगैर शव का पोस्टमार्टम करवाना अमानवीय, सांविधानिक और मानवाधिकारों के विरुद्ध बताया है। कोई भी व्यक्ति जब किसी दुखद परिस्थिति में होता है तब प्रशासन को सहयोगी की भूमिका निभानी चाहिए न कि चेतावनी या बलपूर्वक अंतिम संस्कार के आदेश देकर पीड़ित परिवार को और मानसिक यातना देनी चाहिए। 1 जून 2025 को हरियाणा विधान सभा में पारित इस कानून को 1 जुलाई 2025 से लागू किया था। इस एक्ट का सबसे पहला प्रयोग हिसार में किया गया है।
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- लाल बहादुर खोवाल, वरिष्ठ अधिवक्ता, हिसार
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