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फर्जी बीमा क्लेम का मामला : गंभीर बीमार लोगों से कागजात लेकर किस्त भी खुद भरता था सुनील

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हांसी: पुलिस गिरफ्त में धोखाधड़ी का मुख्य आरोपी सुनील तथा पत्रकारवार्ता में जानकारी देतीं एसपी ? - फोटो : Hisar
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गंभीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों के बीमा करवाकर उनकी हादसे में मौत दिखाते हुए लाखों रुपये के क्लेम हड़पने के मुख्य आरोपी सुनील कुमार ने कई अहम खुलासे किए हैं। वह बीमार व्यक्तियों के परिजनों से कागजात लेकर फर्जी तरीके से खाते खोलता था और उनकी किस्तें भी खुद जमा करता था। मौत के बाद डॉक्टर से सांठगांठ कर फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हादसा दिखाकर लेता था बीमा क्लेम।
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धर्मखेड़ी निवासी सुनील को पुलिस ने 19 मार्च को गिरफ्तार किया था। सोमवार को पत्रकारवार्ता में एसपी नितिका गहलोत ने पुलिस के समक्ष आरोपी द्वारा किए गए कई खुलासों की जानकारी दी। एसपी ने बताया कि डॉ. विजय स्वरूप मलिक के साथ सांठगांठ कर मुख्य आरोपी सुनील पोस्टमार्टम की फर्जी रिपोर्ट बनवाता था। डॉक्टर को एक पोस्टमार्टम के लिए डेढ़ से दो लाख रुपये दिए जाते थे। एसपी ने बताया कि सुनील ऐसे लोगों की पहचान करता था, जो गंभीर बीमारियों से ग्रस्त थे। उनके परिजनों से संपर्क करके उनके फर्जी खाते खुलवाता और केवाईसी के कागजात भी ले लेता। बीमा कंपनी में पहली व दूसरी किस्तें भी स्वयं भरता था। उसके बाद जब मरीजों की मृत्यु हो जाती थी तो वह हांसी नागरिक अस्पताल में तैनात डॉ. विजय स्वरूप से संपर्क कर फर्जी दुर्घटना दिखाकर पोस्टमार्टम तैयार करवाता। डॉ. विजय को पुलिस 14 जनवरी को गिरफ्तार कर चुकी है।
70 और 30 प्रतिशत होता था हिस्सा
आरोपी ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि वह बीमा क्लेम की राशि में 70 और 30 प्रतिशत हिस्सा करते थे। इसमें 70 प्रतिशत सुनील व उसके दो साथी रखते थे, जबकि 30 प्रतिशत हिस्सा नामित (नॉमिनी) को देते थे। उसके साथ एक फोटोग्राफर शामिल है, जो बीमारी से मौत होने वाले को एक्सीडेंट के तहत तस्वीर खींचता था। नागरिक अस्पताल से एक कर्मचारी और बैंक व बीमा कंपनी के कुछ कर्मचारी भी शामिल होते थे।
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सरपंचों की भी हो सकती है मिलीभगत
एसपी ने कहा कि बीमा कंपनी के सर्वेयर जब गांवों में सर्वे करने जाते थे, तब वहां पर सरपंचों से तस्दीक करवाते थे। इस कारण इस फर्जीवाड़े में कुछ सरपंच भी शामिल हो सकते हैं। इसकी जांच जल्द शुरू की जाएगी। आरोपी सुनील ने बताया है कि वह प्रत्येक बीमार व्यक्ति का 15 लाख रुपये का बीमा करवाता था।
दीपक कापड़ो को जेल भेजा
इससे पहले पुलिस ने इस मामले में दीपक कापड़ो को गिरफ्तार करके रिमांड पर लिया था। रिमांड अवधि पूरी होने पर उसको जेल भेज दिया गया है। दीपक ने अपने भाई सुनील के झूठे बीमे करवा कर तथा सड़क दुर्घटना में मौत दिखाकर झूठे क्लेम लिए थे।
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वर्ष 2017 से कर रहा काम
बीमा क्लेम हड़पने वाले मुख्य आरोपी सुनील कुमार ने हिसार में एक स्पा सेंटर व एक होटल भी लीज पर लिया हुआ, जिनको वह स्वयं चलाता है। पुलिस उसकी भी जांच पड़ताल कर रही है कि वहां पर सुनील किस प्रकार का कार्य करता है। हाल ही में आरोपी सुनील कुमार ने एक मर्सडीज गाड़ी भी खरीदी है। मुख्य आरोपी 2017 से फर्जी क्लेम के मामले में लगा हुआ था।
आरोपी इन बैंकों में खुलवाते थे खाते
फर्जी बीमा क्लेम लेने वाला मुख्य आरोपी मिलीभगत कर एसबीआई, कोटेक महेंद्रा, पंजाब नेशनल बैंक व एयू बैंक में अपने व नॉमिनी के खाते खुलवाता था। इन खातों में से ही बीमे की किस्त भरता था। पुलिस जल्द इन बैंकों से भी पूछताछ करेगी, ताकि अन्य लोगों की संलिप्तता का भी पता लगाया जा सके।
आरोपी पर 8 केस दर्ज
सुनील पर 8 केस दर्ज हैं। इनमें 5 हांसी में, 2 जींद जिले में और एक कैथल जिले में दर्ज है। यह रोहतक एसटीएफ का वांछित है और जींद व कैथल से भी वांटेड है। वहां की पुलिस भी इसको प्रोडक्शन वारंट पर लेगी।
सुनील को लिया 6 दिन के रिमांड पर
इकनॉमिक सेल हांसी की टीम ने फर्जी बीमा क्लेम लेने के मामले में मुख्य आरोपी सुनील को अदालत में पेश कर 6 दिन के रिमांड पर हासिल किया है। रिमांड के दौरान और भी गहनता से पूछताछ की जाएगी।
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-नितिका गहलोत, एसपी, हांसी।
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