नारनौंद। गांव लोहारी राघो में हिंदुस्तान पेट्रोलियम की पाइपलाइन के नीचे सुरंग बनाकर तेल चोरी की साजिश के मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि खेत को रामकुमार निवासी खेड़ी लोहचब ने लीज पर लिया था। सुरंग की बनावट से स्पष्ट है कि यह साजिश लंबे समय से चल रही थी। साजिश में रामकुमार के अलावा बहादुरगढ़ के गांव साखोल निवासी दिनेश राठी, अर्जुन उर्फ टोनी उर्फ बलजीत, भोलू, अभि व संदीप शामिल हैं।
हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड की रमन मंडी से बहादुरगढ़ तक 243 किलोमीटर लंबी आरबीपीएल पेट्रोलियम पाइपलाइन है। शनिवार को पाइपलाइन से तेल चोरी की बड़ी साजिश को पुलिस व सुरक्षा एजेंसी की सतर्कता से विफल कर दिया गया। सीआईएसएस सर्विसेस लिमिटेड के सुरक्षा प्रभारी कुलदीप सिंह ने चैनल नंबर 136.300 के पास संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दी थी। सूचना के आधार पर जब टीम मौके पर पहुंची तो एक खेत, जो चारदीवारी से घिरा हुआ था, उसमें करीब 65 फीट लंबी सुरंग पाई गई, जो सीधे पाइपलाइन की ओर जा रही थी। सुरंग की बनावट देखकर पता चला कि तेल चोरी साजिश लंबे समय से चल रही थी और इसमें कई लोग शामिल हैं।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि रामकुमार निवासी खेड़ी लोहचब ने खेत किराये पर लिया था। यह पाइपलाइन अत्यधिक ज्वलनशील पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति करती है। अगर यह प्रयास सफल हो जाता तो बड़ा विस्फोट और जनहानि हो सकती थी। जांच के बाद नारनौंद थाना पुलिस ने 6 नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के अलावा पीडीपीपी एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 व पेट्रोलियम एवं मिनरल पाइपलाइन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मामले की गहन जांच जारी है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसी घटनाएं न केवल भारत सरकार की संपत्ति को खतरे में डालती हैं, बल्कि स्थानीय लोगों और पर्यावरण के लिए भी घातक साबित हो सकती हैं। - बलवान सिंह, जांच अधिकारी, नारनौंद