हिसार। जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से सोमवार से डायरिया की रोकथाम के लिए अभियान का शुभारंभ किया गया। 31 जुलाई तक चलने वाले अभियान का उद्देश्य 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को डायरिया से बचाना है।
सिविल सर्जन डाॅ. सपना गहलावत ने बताया कि जिले में हर साल 5 साल से कम आयु के 5 प्रतिशत बच्चों की मृत्यु का मुख्य कारण डायरिया ही होता है। ऐसे में बच्चों की जान बचाने के लिए अभियान अत्यंत आवश्यक है। अभियान के दौरान ओरआरएस घोल और जिंक की गोली की निर्धारित मात्रा प्रत्येक पात्र घर में वितरित की जाएगी, जहां 5 वर्ष तक की आयु के बच्चे हैं। इस कार्य के लिए 392 एएनएम, 119 सीएचओ और 1387 आंगनबाड़ी वर्कर्स की टीम गठित की गई है।
अभियान के दौरान प्रत्येक हेल्थ सब सेंटर पर ओरआरएस-जिंक कॉर्नर स्थापित किए जाएंगे, जहां पर लोगों को बच्चों में डायरिया के लक्षण पहचानने और इलाज संबंधी आवश्यक जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा मोबाइल टीमें गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेंगी। नोडल अधिकारी डाॅ. तरुण ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से 1,71,102 बच्चों को अभियान में कवर किया जाएगा। इस दौरान लोगों को आसपास सफाई रखने, स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने, खुले में शौच से बचाव, बार-बार हाथ धोने के लिए प्रेरित किया जाएगा।