हांसी। शहर को बेसहारा पशु मुक्त बनाने के उद्देश्य से बेसहारा पशुओं को पकड़ने का अभियान शनिवार से फिर से शुरू किया गया। अभियान के पहले दिन आमटी झील के पास से 30 बेसहारा पशु पकड़े गए। इन्हें तोशाम रोड स्थित हरियाणा गोशाला में छोड़ा गया। हालांकि छह महीने में 1440 पशु पकड़े जा चुके हैं लेकिन शहर फिर भी बेसहारा पशु मुक्त नहीं हुआ है।
फिलहाल शहर में हर क्षेत्र में बेसहारा पशु घूम रहे हैं। नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी व चेयरमैन प्रवीन ऐलावादी की मौजूदगी में बेसहारा पशुओं को पकड़ने का काम शुरू किया गया लेकिन इस बार अधिकारियों ने अवैध बाड़े व डेयरी संचालकों पर कार्रवाई का मन भी बनाया गया। अधिकारियों का कहना है कि गायों को दूध निकालकर उन्हें सड़कों पर छोड़ देने वाले अवैध बाड़ा व डेयरी संचालकों पर जुर्माना लगाया जाएगा। पहले जुर्माने करीब 5 हजार रुपये का होगा। हरियाणा सरकार ने प्रदेश को बेसहारा पशुओं बनाने के लिए 1 से 31 अगस्त तक अभियान चलाने के लिए निर्देश दिए हैं। इसी के तहत हांसी में अभियान शुरू किया गया है। हालांकि नगर परिषद ने जनवरी महीने से ही 1800 रुपये प्रति पशु के हिसाब से टेंडर दिया हुआ है। इसी फर्म के माध्यम से फिर से काम शुरू कराया गया है। वहीं अधिकारी शहर के बेसहारा पशु मुक्त बनाने की डेडलाइन लगातार बढ़ाते रहे हैं। पहले एसडीएम ने 15 जून का समय दिया गया था। बाद में इसे बढ़ा कर 15 जुलाई कर दिया गया। लेकिन अब तक शहर बेसहारा पशु मुक्त नहीं हुआ है।
टैग वाली गाय मिली घुमती
अभियान के दौरान टीम को एक पीले रंग के टैग वाली गाय घूमती हुई मिली। यह गाय कौनसी गोशाला की है, इसकी जानकारी के लिए टैग की फोटो पशु चिकित्सालय में भेजी गई है। वहां से जानकारी मिलने पर गोशाला संचालक से कारण पूछा जाएगा।
बेसहारा पशुओं को पकड़ने का अभियान पहले से चल रहा है। अब इसे गति देंगे। पहले दिन 30 पशु पकड़े हैं। अभियान अब प्रतिदिन चलेगा। अवैध बाड़ों व डेयरियों पर भी कार्रवाई होगी। - डॉ़ सुरेश चौहान, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, हांसी।