हिसार। बिजली निगम व नगर निगम की सख्ती के बाद केबल व इंटरनेट संचालकों ने निगमायुक्त नीरज व विधायक सावित्री जिंदल से मुलाकात की। इस दौरान इन्होंने कहा कि वह खंभों का इस्तेमाल करने की एवज में शुल्क देने को तैयार है। इन तारों के काटने से शहरवासियों को परेशानी झेलनी पड़ेगी।
बता दें कि शहर में बिजली व स्ट्रीट लाइट के पोल पर इंटरनेट, टेलीफोन व डिश के तार अवैध रूप से लगे हुए हैं। इनके कारण से स्ट्रीट लाइट व बिजली के खंभों पर तारों के गुच्छे बने हुए हैं। इनसे शहर की सुंदरता खराब होती है। साथ ही इनके कारण दोनों विभागों को रिपेयर कार्य के दौरान परेशानी का सामना भी करना पड़ता है। इन तारों की वजह से हादसे का भी खतरा बना रहता है। इसी को लेकर बिजली निगम ने खंभों पर लगी अवैध तारों पर कार्रवाई करने का फैसला किया।
मंगलवार को पूरा होगा अल्टीमेटम
बिजली निगम ने इसे लेकर नगर निगम को पत्र लिखकर एक अधिकारी नियुक्त करने की मांग की थी। इस पर नगर निगम के जेई रामदिया शर्मा को इस कार्य के लिए नियुक्त कर दिया गया। वहीं बिजली निगम की तरफ से एक विशेष टीम का गठन किया गया है, जिसमें एक एसडीओ, दो जेई व दो लाइनमैन को शामिल किया गया। साथ ही सभी केबल व इंटरनेट संचालकों को खंभों से अवैध तारों को हटाने के लिए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया, जो मंगलवार को पूरा हो जाएगा।
तारों को मैनेज करने का दिया आश्वासन
निगमायुक्त व विधायक के साथ मुलाकात के दौरान केबल व इंटरनेट संचालकों ने कहा कि शहर में करीब 25 हजार ब्रॉडबैंड कनेक्शन धारक हैं। इन तारों के काटने से ये लोग प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि खुद बीएसएनएल इन खंभों का इस्तेमाल कर रहा है। इसके अलावा एक निजी मोबाइल कंपनी बिजली निगम के खंभों का इस्तेमाल कर रही है और इसकी एवज में वह निगम को भुगतान भी कर रही है। वह भी इन खंभों का इस्तेमाल करने की एवज में शुल्क देने को तैयार हैं। साथ ही तारों को मैनेज कर देंगे ताकि लोगों व बिजली निगम को कोई दिक्कत न आए। इस मौके पर साहिल, हरीश मक्कड़, सुदर्शन, संजय मान, गौरव बख्शी, पवन, गोल्डी आदि शामिल रहे।
मिलगेट क्षेत्र में काटे तार
उधर, बिजली निगम ने सोमवार को मिलगेट क्षेत्र में खंभों पर अवैध रूप से लगी केबल व इंटरनेट के तारों को हटाया। इससे दो-तीन दिन पहले निगम ने रेड स्क्वेयर मार्केट में यह अभियान चलाया था।
हम लगातार नगर निगम अधिकारियों से संपर्क बनाए हैं। इसके तहत जहां अवैध तार नीचे लटक रहे हैं, उन जगहों का चयन कर तार काटे जा रहे हैं। साथ ही विभाग की तरफ से केबल ऑपरेटर को नोटिस भी दिए जा रहे हैं। - ओमबीर, एसई, बिजली निगम