हिसार। शहर के व्यापारी नेता प्रदेश सरकार के फैसले के विरोध में उतर आए हैं। सोमवार व मंगलवार को दुकानों को बंद रखने के फैसले पर व्यापारी नेताओं ने दो टूक जवाब देते हुए इसे मानने से इनकार कर दिया है। सरकारी आदेशों की परवाह किए बगैर सोमवार व मंगलवार को भी बाजार खुले रखकर व्यापारी नेताओं ने दुकानों को खोलने का फैसला लिया है। वहीं, शनिवार को बाजार खुले रहे।
शनिवार को राजगुरु मार्केट स्थित पंजाबी धर्मशाला में शहर के प्रमुख बाजारों की मार्केट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अशोक असीजा की अध्यक्षता में बैठक की। बैठक में सरकारी आदेशों को लेकर कड़ा रोष जताया गया और सर्वसम्मति से सोमवार व मंगलवार को भी सभी दुकानें खुली रखने का फैसला लिया। हालांकि, पहले की तरह रविवार को बाजारों में साप्ताहिक अवकाश के तहत दुकानें बंद रखी जाएंगी।
पदाधिकारी बोले, व्यापारियों को हर मोर्चे पर लड़ना पड़ रहा
बैठक में व्यापारी नेताओं ने कहा कि कोरोना महामारी से पूरा प्रदेश लड़ रहा है। जनता के काफी जान माल का नुकसान हुआ है। सभी वर्गों की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है, विशेष कर व्यापारी की कमर टूट चुकी है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था टूटने के कारण जनता के पास खरीद शक्ति पहले से ही कम हो गई है। व्यापारी कई मोर्चों पर लड़ रहा है। पहला मोर्चा कोरोना का, दूसरा मंदी का, जबकि तीसरा दुकानों के खर्चे का। हैरानी की बात यह है कि सरकार व्यापारियों को कोई लाभ नहीं दे रही है, इसलिए अब उन्हें सरकार से भी लड़ना पड़ रहा है।
कहां से निकालेंगे खर्च
बैठक की अध्यक्षता करते हुए अशोक असीजा ने कहा कि क्या सिर्फ दो दिन अधूरा लॉकडाउन करने से कोरोना की चेन टूट जाएगी। व्यापारी अपने स्टाफ को वेतन, दुकान का किराया, बिजली का बिल तक नहीं अदा कर पा रहा है। फिर भी सरकार ऐसे मनमाने फैसले लेकर उन्हें और मुसीबत में डाल रही है। सरकार राय लिए बिना एकतरफा फैसले लेकर व्यापारियों को सड़कों पर उतरने को मजबूर कर रही है। उन्होंने शहर के सभी व्यापारियों से आह्वान किया कि वे पूर्व की तरह रविवार को दुकानें बंद रखें, जबकि सोमवार व मंगलवार को अपनी दुकानें खोलकर व्यापार करें। उन्होंने सरकार से भी इस फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।
ये रहे मौजूद : बैठक में बिश्नोई मंदिर मार्केट प्रधान राजेंद्र चुटानी, राजगुरु मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन प्रधान गौतम नारंग, सचिव सुरेंद्र बजाज, आजाद नगर मार्केट प्रधान सोमबीर श्योराण, अनिल शर्मा, राजकुमार बजाज, रवि आहुजा, संदीप थरेजा, सुरेंद्र सोनी, मंगल ढालिया, महेश चौधरी, रवि ग्रोवर, राजेंद्र ढालिया, सुरेंद्र लाहौरिया, संजय गांधी, अक्षय मलिक, अनिल नाशा, विकास बजाज, प्रमोद बागड़ी, डॉ. कुलवंत सिंह, सुभाष मित्तल, अजय सैनी, रमेश महेन्दिरता, शिव सैनी सहित कई व्यापारी नेता मौजूद रहे।