बस अड्डे के सामने बने फुट ओवर ब्रिज पर एस्केलेटर लगाने के लिए डीसी ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। नगर निगम, पीडब्ल्यूडी तथा नेशनल हाइवे के अधिकारी इसमें शामिल किए गए हैं। तीन अधिकारियों की टीम से दस दिन में रिपोर्ट मांगी है।
शनिवार को सीएम मनोहरलाल ने सीएम घोषणाओं को लेकर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने 2014 की घोषणाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद डीसी निखिल गजराज ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने सीएम की ओर से दिए गए निर्देश को जल्द पूरा करने के लिए कहा। बस अड्डे के सामने बने एफओबी पर एस्केलेटर लगाने के लिए अधिकारियों की टीम का गठन किया गया है। इसमें नेशनल हाइवे के एक्सईन, पीडब्ल्यूडी बीएंड आर के एक्क्सईन तथा नगर निगम के एक्सईन को शामिल किया गया है। यह तीनों अधिकारी जल्द ही अपनी रिपोर्ट देंगे। इसमें एस्केलेटर पर आने वाले खर्च का अनुमान लगाया जाएगा। इसके बाद इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी। करीब दो करोड़ की लागत से चार साल पहले बनाए गए गए फुट ओवर ब्रिज का उपयोग नहीं हो रहो। इस कारण सीएम की ओर से एस्केलेटर लगाने का फैसला लिया गया है।
200 में से 8 ही पूरी
जिले में अब तक सीएम की दो साल में 200 घोषणाएं की गई हैं, जिसमें अब तक 8 पूरी हो चुकी हैं। 12 घोषणाओं पर काम चल रहा है। 180 घोषणा फिलहाल पेंडिंग हैं। इसमें हांसी, नारनौंद, आदमपुर, बरवाला विधानसभा रैली की घोषणा शामिल हैं। नलवा विधानसभा की घोषणा इसमें शामिल नहीं हो सकी हैं। सबसे अधिक नारनौंद विधानसभा की करीब 48 घोषणा हैं।
नोडल ऑफिसर से डीसी नाखुश
डीसी निखिल गजराज सीएम घोषणाओं के लिए नियुक्त नोडल ऑफिसर डीडीपीओ अरविंद मलिक से नाराज दिखे। डीसी ने कहा कि डीडीपीओ काम करने में ढीले हैं। इस बारे में अधीक्षक कृष्ण कुमार को सीधे रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए।