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बस-रेल सेवा बहाल, पर संशय भरा रहा सफर

Thu, 25 Feb 2016 12:25 AM IST
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो
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जाट आरक्षण आंदोलन की वजह से रोकी गई बस सेवा बुधवार से बहाल कर दी गई। सभी रूटों पर बसों को रवाना किया गया।
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हालांकि बसों में उम्मीद के मुताबिक यात्री कम ही थे, लेकिन जो भी थे उनके चेहरों पर पिछले सात दिनों का खौफ साफ दिखाई दे रहा था। हर किसी का सफर संशय भरा रहा और हर चेहरे पर भय दिखाई दिया।

गौरतलब है कि जाट आरक्षण की वजह से 17 से 23 फरवरी तक बसें न चलने के कारण बस डिपो को लाखों का नुकसान हुआ है। वहीं इस दौरान लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
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हालांकि बस सेवा बहाल कर दी गई है और सभी जगह के लिए बस सेवा आरंभ कर दी गई है, लेकिन लोगों में अभी भी दहशत का माहौल बरकरार है। इसलिए काफी कम संख्या में यात्री बसों में सवार हो रहे हैं।

बस स्टैंड पर बुधवार सुबह 6 बजे चंडीगढ़ के लिए बस को हरी झंडी दी गई। हालांकि बस में केवल 16-17 ही यात्री सवार थे। इस दौरान बस डिपो के अधिकारी राजकुमार श्योकंद के साथ अन्य स्टाफ भी मौजूद था।

डिपो को एक करोड़ से ज्यादा का नुकसान
बस विभाग को प्रतिदिन करीब 15 लाख का नुकसान जाम के कारण हुआ है। 17 से 23 फरवरी तक रहे जाम के कारण करीब एक करोड़ दो लाख का नुकसान रोडवेज को उठाना पड़ा है।

रेल सेवा बहाल, दिल्ली के लिए नहीं चल पाई ट्रेन
बसों के साथ रेल सेवा भी ट्रैकों के खुलने से बहाल कर दी गई है, लेकिन बुधवार को भी काफी संख्या में ट्रेनें नहीं चल पाई हैं।

इससे 11 दिनों के जाम के कारण रेलवे को सवारी और मालगाड़ियों के न चल पाने के कारण 66 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है।

मंगलवार को राजगढ़ के लिए जाम खुलने पर पहली ट्रेन रवाना की गई, लेकिन हिसार से दिल्ली के बीच चलने वाली ट्रेन सेवा बहाल नहीं हो पाई है। गोरखधाम, किसान और हरियाणा एक्सप्रेस को रैक उपलब्ध न होने के कारण नहीं चलाया जा सका।

मालगाड़ियों के न चलने से 66 करोड़ का नुकसान
हिसार। रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन करीब 13 हजार यात्री दूसरी जगहों के लिए निकलते हैं, लेकिन ट्रेनों के न चल पाने के कारण इन लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

छह दिन तक तो कोई भी ट्रेन न चल पाने के कारण रेलवे को प्रतिदिन 8 लाख का नुकसान उठाना पड़ा। इससे पहले 12, 13, 14 व 16,17 फरवरी को आधी से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित रहने से प्रतिदिन करीब 5 लाख का नुकसान रेलवे को हुआ था।
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जाम से मालगाड़ियों के न चलने से रेलवे को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। प्रतिदिन 11 करोड़ 5 लाख का नुकसान 20 मालगाड़ियों के न चलने से रेलवे को हुआ है।

चार दिन में करने पड़े 4 लाख रिफंड
रेलवे  को 17 फरवरी से 22 फरवरी तक कुल 4,63, 275 लाख रुपये रिफंड के रूप में लोगों को वापस करने पड़े। इनमें 17 फरवरी को 81,395 हजार, 18 फरवरी को 90 हजार, 19 फरवरी को 1,19,975 लाख, 20 फरवरी को 1,29219 लाख और 21 फरवरी को 41,995 हजार रुपये रेलवे कोे ट्रेनें न चल पाने के कारण लोगों को वापस करने पड़े।
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