नगर निगम ने बजट को लेकर वीरवार को आनन-फानन में हाउस की मीटिंग बुलाई है। 22 घंटे पहले निगम अधिकारियों ने पार्षदों और माननियों के पास मीटिंग का कॉल लैटर भेजा है। इतना ही नहीं कई पार्षदों के पास तो देर रात तक मीटिंग का कॉल लैटर ही नहीं पहुंच पाया। कई के पास व्हाट्स ऐप से तो किसी पार्षद के भाई को मीटिंग का लैटर पार्षद तक पहुंचाने की जिम्मेवारी लगाई है।आनन-फानन में की जा रही हाउस की मीटिंग को लेकर पार्षदों में रोष है। वीरवार को होने वाली इस मीटिंग में हंगामे के आसार हैं। उनका कहना है कि मीटिंग कॉल के लिए कम से कम 48 घंटे पहले सूचना देनी चाहिए थी।
नहीं भेजी एजेंडे की कॉपी
कई पार्षदों के पास निगम ने कॉल लैटर तो भेज दिया, लेकिन एजेंडे की कॉपी नहीं भेजी। डिप्टी भीम महाजन, पार्षद मानसिंह, पार्षद कमला बंसल का कहना है कि निगम ने हाउस की मीटिंग को लेकर एजेंडे की कॉपी तक नहीं भेजी। अब पार्षद बिना एजेंडे की कॉपी की तैयारी किस आधार पर करे। मीटिंग में निगम ने हमें केवल औपचारिकता के लिए बुलाया है या फिर अपने सुझाव रखने के लिए।
वेतन के लिए कर रहे हैं रुपये इकट्ठे, विकास की परवाह नहीं : नरेंद्र शर्मा
पार्षद नरेंद्र शर्मा का कहना है कि 22 घंटे पहले लैटर भेजने का कोई मतलब नहीं बनता। पहले निगम के अधिकारी तैैयारी नहीं करते फिर आनन-फानन में मीटिंग बुलाते हैं। उन्होंने कहा कि निगम का बजट एक तरह से जीरो है। अधिकारी कर्मचारी केवल अपना वेतन इकट्ठा करने के लिए टैक्स आदि एकत्रित कर लेते हैं। शहर के विकास की परवाह नहीं है। उन्हें निगम की इनकम ऑफ सोर्स बढ़ाने से कोई मतलब नहीं, जबकि बजट की मीटिंग का उद्देश्य यह भी है कि हाउस में यह चर्चा हो कि आखिर निगम की आय किस ढंग से बढ़ाई जाए।
दो दिन पहले भेजना चाहिए मैसेज, ये प्रथा गलत
पार्षद मास्टर प्रह्लाद ने कहा है कि कम से कम दो दिन पहले पार्षदों के पास हाउस की बैठक के लिए मैसेज भेजना चाहिए था। ये प्रथा निगम गलत चलती आ रही है। ऐसे में तो निगम अधिकारी पार्षदों को कोई वैल्यू ही नहीं समझेंगे। हाउस की अपने आप में एक संवैधानिक प्रक्रिया के तहत मीटिंग होती है, निगम अधिकारियों ने तो इसे मजाक बना दिया है।
50.94 करोड़ का रखा बजट
हाउस की बैठक में निगम 50.94 करोड़ रुपये का बजट रखेगा। इसमें साल भर में निगम द्वारा की जाने वाली कमाई और खर्च का लेखा जोखा होगा। कहां-कहां किस मद में क्या खर्च होगा इसका पूरा हिसाब किताब आंकड़ों सहित प्रस्तावित किया जाएगा।
इनकम के मुख्य स्रोत और ये होगी इनकम नगर निगम ने बजट में इनकम ऑफ सोर्स के साधन बताए हैं, जिनसे बड़ी आय निगम के पास आती है। इसमें हाउस टैक्स को लेकर प्रस्तावित डिमांड 7 करोड़ और एरियर 8 करोड़ दिखाया गया है। रजिस्ट्रेशन फीस से भी निगम को मोटी इनकम हो रही है। साल भर में करीब 15 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया गया है। छोटी मोटी इनकम लगाकर करीब 18 करोड़ की आमदनी दिखाई गई है। पहली बार एक्साइज ड्यूटी से भी 2 करोड़ 80 लाख की आमदनी होने की उम्मीद है। डेवलपमेंट चार्जेज और यूजर चार्जेज से 2-2 करोड़ की इनकम होने की उम्मीद है।