पति-पत्नी के बीच विवाद को सुलझाने के लिए काउंसलिंग के दौरान एक पक्ष में खामी बताना महिला थाना की एएसआई को महंगा पड़ गया। पति, ननद और बहनोई ने महिला एएसआई की थाने में ही पिटाई कर डाली। आसपास खड़ी महिला हेड कांस्टेबल ने बीच-बचाव किया। सूचना मिलते ही साथ लगती किला पुलिस चौकी से भी पुलिस अधिकारी भागते हुए मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दो लोगों को 14 दिन के लिए न्यायिक परिसर में भेजा गया है, जबकि एक को जमानत मिल गई। वहीं इस मामले का एक अन्य आरोपी अभी फरार है।
सिटी एसएचओ के नाम दी शिकायत में महिला एएसआई राजबाला ने कहा है कि नारनौंद के गांव खांडाखेड़ी की रहने वाली महिला रेखा ने अपने पति जींद निवासी सचिन के खिलाफ शिकायत दी थी। महिला ने शिकायत दी थी कि उसका पति उसके साथ मारपिटाई करता है। इस मामले को लेकर दो बार पहले भी काउंसलिंग बुलाई जा चुकी है। मंगलवार को काउंसलिंग का फिर से समय दिया गया। यहां सचिन अपनी बहन बवानीखेड़ा निवासी सीना, उसका पति कुलदीप व अन्य लोगों के साथ पंचायत में आया था। मामले के आईओ एसआई जोगिंद्र कुमार ने बताया कि काउंसलिंग के दौरान महिला एएसआई ने दोनों पक्षों की बात सुनकर जब पति पक्ष से कहा कि उनमें कमी है तो इस पर वह बिफर गए। आरोप है कि इस दौरान सचिन ने तैश में आकर महिला एएसआई से कहा कि आप जैसी मैडम बहुत देखी है, हम आपको जान से मार देंगे। आरोप यह भी है कि सचिन की बहन सीना ने महिला एएसआई के बाल पकड़ कर उसे नीचे गिरा दिया। इसके बाद सचिन, कुलदीप, सीना व एक अन्य ने उसे थप्पड़-मुक्के मारे। इस दौरान साथ बैठी हेड कांस्टेबल मीना, सुनीता व अन्यों ने उन्हें छुड़वाया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से सचिन, उसकी बहन सीना को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, वहीं सीना के पति कुलदीप को जमानत मिल गई।