सात रोड के लोगों की ओर से विरोध करने के बाद जन स्वास्थ्य विभाग ने सात रोड में जलघर बनाने की योजना को रद्द कर दिया है। विभाग के अधिकारियों ने सात रोड में बनने वाले जलघर का विकल्प खोज लिया है।
इसके लिए विभाग ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को जलघर बनाने की लोकेशन भेज दी है। अब मुख्यमंत्री से पास होने के बाद जलघर बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
गांव सात रोड में बनने वाले 80 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला जलघर अब जन स्वास्थ्य विभाग दिल्ली रोड पर बनाने जा रहा हैं।
इसके लिए उन्होने 45 एकड़ भूमि का चयन कर लिया है। गवर्नमेंट लाइव स्टोक फार्म की भूमि पर अब यह जलघर बनाया जाएगा। जिसका सीधा फायदा पुराने शहर के लोगों और मिलगेट इलाके के लोगों को होगा।
विभाग ने जलघर की जगह बेशक बदल दी हो, लेकिन जिन इलाकों को इस जलघर से लाभ पहुंचाना था, उसमें किसी भी तरह का बदलाव नहीं हुआ हैं।
पूरे शहर को इस प्रोजेक्ट से लाभ होगा। इंडस्ट्रियल एरिया, सूर्य नगर, विनोद नगर, मॉडल टाउन मिलगेट, 12 क्वार्टर, विनोद नगर, पड़ाव, भारत नगर, सहित कई अन्य इलाकों को लाभ होगा।
इस तरह चला प्रोजेक्ट :
वर्ष 2009-10 में विभाग ने बनाया प्रोजेक्ट
2013 में हुआ जलघर का टेंडर
ण्क मुख्य जलघर और चार बूस्टिंग स्टेशन
दो मिलगेट, एक मॉडल टाउन और एक अन्य जगह बनना है बूस्टिंग स्टेशन
लाखों गैलन पानी की स्टोरेज क्षमता, पूरे शहर को होगा लाभ
ऐसे हुआ था विवाद
28 जनवरी महावीर स्टेडिमय में मुख्यमंत्री को सात रोड में बनने वाले इस 80 करोड़ के प्रोजेक्ट का शिलान्यास करना था।
सात रोड के लोगों अपनी गोचरन भूमि पर जलघर नहीं बनने देना चाहते थे, इसलिए उन्होंने सीएम के शिलान्यास का विरोध किया।
सात रोड के लोगों और जिला प्रशासन में झगड़ा हुआ, जिसमें 50 से ज्यादा लोग और सात पुलिस कर्मी घायल हुए।
ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव किया तथा पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।
ग्रामीणों ने पुलिस की दो बसों को आग लगा दी थी और छह के करीब निजी बसों को तोड़ डाला।
विवाद के बाद मुख्यमंत्री ने जलघर के शिलान्यास को रद्द कर दिया।
नई लोकेश पर बनेगा प्रोजेक्ट : सिंह
जन स्वास्थ्य विभाग के सुुपरिंटेंडेंट इंजीनियर आरपी सिंह ने बताया कि सात रोड के ग्रामीणों के विरोध के बाद दिल्ली रोड पर जेएलएफ की जमीन का चयन जलघर के लिए किया गया है।
सात रोड के प्रोजेक्ट में हलका बदलाव करके डीसी से अनुमति लेकर मुख्यमंत्री को भेज दिया गया हैं। मुख्यमंत्री की अनुमति के साथ ही लोगों के लिए इस जलघर का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयार किए गए प्रोजेक्ट को सीएम की ओर से मंजूरी मिलने के बाद इसके लिए टेंडर प्रक्रिया को अपनाया जाएगा, जिसमें करीब तीन माह का समय लगेगा।
इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा, जिसमें करीब एक साल का समय लगेगा। प्रोजेक्ट 2015 के अंत तक पूरा होने का अनुमान है।