हांसी। सर्दी की आमद के साथ ही रक्तचाप (बीपी) के मरीजों की दिक्कतें बढ़ गई है। ठंड में रक्तचाप अब उछाल मारने लगा है। जरा-सी लापरवाही से मरीजों को उच्च रक्तचाप की समस्या होने लगती है। घबराहट, पसीने के साथ नाक से खून आने के मामले भी सामने आ रहे हैं।
ऐसे मरीजों को तत्काल अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है। वहीं अस्पताल में रक्तचाप के नए मामले भी सामने आ रहे हैं। नागरिक अस्पताल से लेकर निजी अस्पतालों में इस तरह के रोज 10 से 15 मामले आ रहे हैं। इनमें हाइपरटेंशन के पुराने मरीज सर्वाधिक हैं।
खुराक लेने में गड़बड़ी या खानपान में लापरवाही के कारण ऐसा हो रहा है। वहीं, रक्तचाप के साथ अन्य बीमारियों के मरीजों को यह दिक्कत झेलनी पड़ रही है। एक-दो मामले पुराने बीमारों के भी आए हैं। किसी भी पुराने रोग में दवाइयों के छूट जाने पर दिक्कत हो रही है। ऐसे मौसम में खांसी, जुकाम, फ्लू और साइनस की दवाइयां खाने वालों को भी सावधान रहने की जरूरत है।
रक्तचाप के मरीजों को चिकित्सक बिना किसी परामर्श के दवा लेने से भी रोक रहे हैं। गंभीर सरदर्द, थकान या भ्रम, घबराहट, छाती में दर्द, मूत्र में रक्त, धुंधली दृष्टि, सांस लेने में तकलीफ होना उच्च रक्तचाप के लक्षण हैं।
मरीजों को नियमित जांच की जरूरत : डॉ. संजय वर्मा
नागरिक अस्पताल के आरएमओ डॉ. संजय वर्मा ने बताया कि रक्तचाप आमतौर पर रक्त के स्तर से निर्धारित होता है, जिसे आपका हृदय पंप करता है। उच्च रक्तचाप यह दिल को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इससे हार्ट फेल व सीने में दर्द भी हो सकता है। अनुपचारित उच्च रक्तचाप से स्ट्रोक, हृदय रोग और कभी-कभी मृत्यु हो सकती है। उन्होंने बताया कि उच्च रक्तचाप के मरीजों को नियमित दवा लेने व जांच की जरूरत है, नहीं तो स्थिति गंभीर हो सकती है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में जांच के दौरान नए मरीज भी सामने आ रहे हैं। कम उम्र के लोगों को भी उच्च रक्तचाप की समस्या हो रही है। मूल रूप से सामान्य रक्तचाप 120/80 से कम होता है।