हिसार। जिले के अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में रविवार को ब्लैक फंगस यानी म्यूकरमाइकोसिस से होने वाली मौत का आंकड़ा 100 पार कर 101 पर पहुंच गया है। लगातार दूसरे दिन रविवार को ब्लैक फंगस से एक मरीज की मौत हो गई। चिकित्सकों की मानें तो यह मरीज देरी से अस्पताल में आया था। तब तक फंगस चौथी स्टेज में पहुंचा चुकी थी, जिससे ऑपरेशन में भी मुश्किल हुई। सप्ताह बाद ही इस मरीज ने ब्लैक फंगस के कारण दम तोड़ दिया।
इसके अलावा रविवार को चिकित्सकों द्वारा ब्लैक फंगस यानी म्यूकरमाइकोसिस के दो नए मरीज दाखिल किए गए हैं। यह दोनों ही मरीज बुजुर्ग हैं और इनमें फंगस ज्यादा नहीं फैली है। रविवार को तीन मरीजों को अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेज दिया गया। इन मरीजों में ऑपरेशन के बाद फंगस काफी हद तक फैलना बंद हो गई थी। इस समय अस्पताल के म्यूकरमाइकोसिस वार्ड में 37 मरीज दाखिल है। बता दें कि अस्पताल में अभी ब्लैक फंगस के करीब 350 मरीज अस्पताल पहुंचे हैं।
दोनों सामान्य ऑपरेशन हुए
मेडिकल कॉलेज में रविवार को ऑपरेशन जारी रहे। इस दौरान दो मरीजों के नाक के ऑपरेशन किए गए। जबड़े का कोई ऑपरेशन नहीं हुआ। इन मरीजों में फंगस की शुरुआत हुई थी, इसलिए समय पर ऑपरेशन हो गए। यह दोनों ही ऑपरेशन सामान्य हुए।
न इंजेक्शन आ रहे, न गोली
पिछले करीब 20 दिनों से सरकार की ओर से इलाज में कारगर न इंजेक्शन आ रहे है और न गोली आ रही। इसके कारण चिकित्सकों को नई दवा देनी पड़ रही है। वह भी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को अपने स्तर पर खरीदनी पड़ रही है।
वर्जन
रविवार को म्यूकरमाइकोसिस के दो नए मरीज दाखिल किए गए है और एक मरीज की मौत हो गई। हमारे पास यह मरीज सप्ताह पहले ही आया था और देरी से अस्पताल पहुंचा। फंगस काफी फैल चुकी थी, जिस कारण उसकी मौत हो गई। बाकी मरीजों से अपील है कि समय पर चिकित्सक से जांच करवाएं।
- डॉ. अनूप ग्रोवर, प्रोफेसर, दंत विभाग, मेडिकल कॉलेज, अग्रोहा।
चार माह में तीसरी बार नहीं मिला कोरोना का कोई केस, एक मरीज की मौत
जिले में पिछले चार माह में तीसरी बार ऐसा हुआ है, जब कोरोना का एक भी केस नहीं मिला। हालांकि एक मरीज की मौत हुई है। इसे मिलाकर कोविड-19 मौत का आंकड़ा 1127 हो गया है। अब सक्रिय मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। इस समय नाममात्र सक्रिय मरीज है। इसके चलते कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों का रिकवरी रेट 97. 87 फीसदी हो गया है। कोरोना के कुल 53940 केस सामने आए है। इनमें से 52791 मरीज कोरोना से जंग जीतकर घर लौट चुके हैं।