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दवा न होने के कारण रुके ब्लैक फंगस के ऑपरेशन, दो की मौत

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हिसार। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस संक्रमण यानी म्यूकरमाइकोसिस के लिए कोई दवा नहीं है। दवा नहीं होने के कारण मंगलवार को आपरेशन नहीं हो सके। ब्लैक फंगस संक्रमण के 73 मरीज दाखिल हैं। म्यूकरमाइकोसिस के 2 मरीजों की मौत हुई है। दवा न होने पर 6 परिजन अपने मरीजों को मेडिकल कॉलेज से रेफर करा ले गए।
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जिले में अब तक ब्लैक फंगस के कारण 14 लोगों की मौत हो चुकी है। चिकित्सकों के मुताबिक ब्लैक फंगस के मरीजों को एम्फोटेरासीन इंजेक्शन एक मरीज को दिन में छह बार दिया जाता है। इसके साथ गोली भी दी जाती हैं। तभी फंगस संक्रमण को रोका जा सकता है। मगर अब दवा नहीं होने से मरीजों को पूरा उपचार नहीं मिल पा रहा है। सबसे ज्यादा खतरा ऑपरेशन करवा चुके मरीजों को है। ऑपरेशन के बाद नसें खुलने से फंगस के फैलने की अधिक आशंका होगी। दवा की कमी के चलते मंगलवार को अस्पताल में ब्लैक फंगल संक्रमण के मरीजों के ऑपरेशन रोकने पड़े । अब तक मेडिकल कॉलेज में रोजाना 8 से 10 मरीजों के ऑपरेशन हो रहे थे। फंगस संक्रमण को रोकने के लिए ऑपरेशन ही एकमात्र उपाय है। ऑपरेशन के दौरान कुछ नसें ऐसी होती है, जो ऑपरेशन करते समय कट जाती है। ऐसे में इन मरीजों को एंटीफंगल दवा देना बेहद आवश्यक है। वरना खुली हुई नसों से फंगस अधिक फैल सकती है। इस वजह से दवा की कमी के कारण ऑपरेशन नहीं किया जा रहे। अस्पताल में दाखिल सामान्य ब्लैक फंगस के मरीजों को भी दवा न मिलने से फंगस आगे फैलने का खतरा है।
पहले मरीजों को करवाया अवगत
दवा की कमी को देखते हुए चिकित्सकों ने भी एहतियात के तौर पर पहले अस्पताल में दाखिल मरीजों को दवा की कमी के बारे में अवगत करवाया। इसके बाद म्यूकरमाइकोसिस वार्ड में दाखिल सभी मरीजों की सहमति से कागजी कार्रवाई कर सहमति ली। जिसके बाद ही मरीजों को यहां रखा गया है।
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योग करवा कर मरीजों का बढ़ा रहे हौसला
मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल कोरोना के मरीजों को नोडल डॉ. मनमोहन सिंह योग भी करवा रहे हैं। जिससे मरीज शारीरिक एवं मानसिक रूप से तनावमुक्त रहें। इसके अलावा मरीजों का हौसला भी बढ़ाया जा रहा है। ।
अब तक 99 मामले आ चुके सामने
अब तक मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगल संक्रमण यानी म्यूकरमाइकोसिस के 99 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 14 मरीजों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा बाकी कुछ मरीज छुट्टी लेकर अपना दवा का प्रबंध कर घर चले गए । कुछ रेफर होकर दूसरे अस्पतालों में चले गए।
फिलहाल हमारे पास दवा का भंडारण नहीं है। देर रात तक 40 इंजेक्शन आने की उम्मीद है। हमने अपनी तरफ से 468 इंजेक्शन की मांग भेजी हुई है। यह दवाएं बाजार में भी नहीं मिल रही हैं।
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डॉ. प्रवीण रेवड़ी, एचओडी, आंख रोग विभाग, म्यूकरमाइकोसिस वार्ड प्रभारी, मेडिकल कॉलेज, अग्रोहा।
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