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ऐन वक्त पर आया ‘मंत्री जी’ का फोन और टल गया जिलाध्यक्ष का चुनाव

Thu, 31 Dec 2015 01:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
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भाजपा जिला अध्यक्ष के नाम का एलान होने के एन वक्त पर आए एक फोन ने जिला अध्यक्ष का चुनाव स्थगित कर दिया। नाम की घोषणा होने ही वाली थी कि जिला चुनाव अधिकारी के पास मोबाइल पर एक फोन आया, जिसके बाद चुनाव अधिकारी राजीव जैन ने चुनाव स्थगित कर दिया।
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इसके कुछ सेकेंड बाद ही चुनाव अधिकारी तथा पर्यवेक्षक वहां से निकल गए। अचानक हुए घटनाक्रम से मौजूद भाजपाई हतप्रभ रह गए। बाद में भाजपा कार्यकर्ताओं में चर्चा का बाजार गर्म हो गया कि आखिर किस मंत्री का फोन आया था।

गौरतलब है कि भाजपा जिला अध्यक्ष के लिए 30 दिसंबर का दिन तय किया गया था। तय कार्यक्रम के अनुसार जिला चुनाव अधिकारी राजीव जैन तथा पर्यवेक्षक अरविंद यादव मीटिंग में पहुंचे। वर्तमान जिला अध्यक्ष एवं सीपीएस डॉ. कमल गुप्ता, श्रीनिवास गोयल, पूर्व मंत्री प्रो. छत्रपाल सिंह, केएल रिणवा, जिला महामंत्री सुजीत कुमार, सुरेंद्र पूनिया, कर्ण सिंह राणौलिया, सुरेश गोयल धूपवाला, डॉ. योगेश बिदानी बैठक में पहुंचे।
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जाट धर्मशाला में अध्यक्ष के चुनाव के लिए खुले आंगन में कुर्सियां लगाई गई थी। बैठक में करीब 100 से 150 पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे। जिला पर्यवेक्षक अरविंद यादव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बताया कि जिला अध्यक्ष का चुनाव कराने के लिए संगठन ने राजीव जैन को जिम्मेदारी सौंपी है।

यहां चुनाव में हिस्सा लेने पहुंचे सभी पदाधिकारी संगठन को मजबूत करने का संकल्प लेकर जाएं। जिला अधिकारी राजीव जैन ने पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए 22 में से 20 मंडल अध्यक्ष चुनने पर बधाई देते हुए कहा यहां बेहद अच्छे माहौल में संगठन के चुनाव हुए।

संगठन को मजबूत करना हम सभी की जिम्मेदारी है। हर एक कार्यकर्ता को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। इस बीच राजीव जैन के मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल सुनने के बाद चुनाव अधिकारी ने कहा कि किन्हीं कारणों के चलते चुनाव स्थगित कर दिया गया है।

रेस्ट हाउस में हुई थी मीटिंग
सुबह करीब साढे़ 9 बजे चुनिंदा भाजपा नेताओं की बैठक पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में हुई। इसमें विधायक कमल गुप्ता, रवि सैनी, कृष्ण लाल रिणवा, सुरेंद्र पूनिया, सुजीत कुमार, कर्ण सिंह राणौलिया, श्रीनिवास गोयल के अलावा चुनाव पर्यवेक्षक व चुनाव अधिकारी भी शामिल हुए। यहां करीब एक घंटा बातचीत का दौर चला। बताया जा रहा कि रेस्ट हाउस में बैठक कर एक नाम पर आम सहमति बना ली गई थी।

‘मंत्री जी’ को पसंद नहीं था नाम
सूत्रों के अनुसार प्रदेश के एक बड़े मंत्री के दखल के बाद चुनाव स्थगित किया गया। मंत्री के समर्थक एकत्र होकर जिला अध्यक्ष के लिए फाइनल किए गए नाम को लेकर विरोध जता रहे थे।

जिस पर मंत्री जी ने अपना प्रभाव दिखाते हुए संगठन में उच्च स्तर पर संपर्क किया। अपने साथियों के लिए लड़ते हुए चुनाव का विरोध किया। मंत्री के संगठन के आला पदाधिकारियों से संपर्क होने के बाद वहां से निर्देश के बाद ही चुनाव प्रभारी ने चुनाव स्थगित किया।
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