सांसद चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि गोहाना की रैली कांग्रेस की रैली नहीं थी। बल्कि यह तो मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का शक्ति प्रदर्शन था। राज्यसभा सांसद सोमवार को अपने आवास पर लोगों की समस्याएं सुनने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्हाेंने कहा कि विपक्षी दल जब चुनाव आते हैं तो अपने वातानुकूलित कमरों से बाहर निकल आते हैं। कोई रथ पर सवार होता है तो कोई पैदल चलकर जनता के बीच पहुंचता है।
प्रदेश में महागठबंधन की चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में इन दिनों महागठबंधन की बात तो चल रही है लेकिन मुझे नहीं लगता कि इनेलो दूसरी पार्टियों के साथ मिल कर कोई गठबंधन करेगी। प्रदेश में अगर इनेलो महागठबंधन करती है तो उसे अपनी लोकसभा की सीटें छोड़नी पड़ेगी, वो कितनी छोड़ेगी। यह बात इनेलो के हक में भी नहीं बनती। आज प्रदेश में इनेलो प्रमुख विपक्षी दल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महागठबंधन सिरे नहीं चढ़ेगा।
पांच राज्यों में होने वाले चुनाव के परिणाम से लोकसभा चुनाव पर प्रभाव पड़ने पर उन्होंने कहा कि इन चुनावों के परिणाम का लोकसभा चुनाव पर कितना असर होगा, यह तो आज नहीं कहा जा सकता। इन चुनाव से मतदाताओं की सोच जरूर पता चल जाएगी कि वो किन चीजों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्याें के चुनाव में मुद्दे भी भिन्न-भिन्न होते हैं, लेकिन यह सही बात है कि मतदाता के मन में क्या है इसका जरूर पता लगेगा। किन राज्यों में चुनाव प्रचार में जाने पर बीरेंद्र सिंह ने कहा कि राजस्थान में वे चुनाव प्रचार के लिए जा चुके है। अब दिल्ली में भी चुनाव प्रचार करेंगे।