आश्रम बस्ती से बीस दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई आंगनबाड़ी वर्कर और वृद्ध महिला के लिए ढूंढने की मांग पर सोमवार को मोहल्ले व विभिन्न संगठन के लोगों ने डीसी दफ्तर के बाहर धरना दिया। धरने पर बैठे लोगों ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए साफ कहा कि जब तक दोनों महिलाओं की बरामदगी नहीं होती तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
वहीं मामले में शहर थाना पुलिस ने एक आरोपी रामदिया को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। जहां से अदालत ने आरोपी को रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया। रिमांड के दौरान पुलिस महिलाओं के बारे में पूछताछ करेगी।
आश्रम बस्ती से आठ नवंबर रात को आंगनबाड़ी वर्कर संतोष और पड़ोस में रहने वाली वृद्ध महिला ब्रह्मीदेवी मामले को लेकर आश्रम बस्ती तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी लघु सचिवालय के बाहर धरना स्थल पर एकत्रित हुए।
लोगों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। दोनों महिलाओं के गायब होने के पीछे जिस व्यक्ति का हाथ है उसके बारे में पुलिस को अवगत करवाया जा चुका है। इसके अलावा परिजन अधीक्षक से भी मिल चुके हैं।
ब्रह्मीदेवी के बेटे राजेंद्र सिंह ने बताया कि उसकी मां, संतोष के यहां सोने के लिए गई थी। आठ नवंबर रात को दोनों संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। जिनका कोई सुराग नहीं लगा। राजेंद्र ने बताया कि संतोष गांव बालंग, कैथल की रहने वाली है। उसका पति रामदिया तीन शादियां कर चुका है।
संतोष को बच्चा न होने के कारण अक्सर उनमें तकरार होती थी। राजेंद्र ने आरोप लगाया कि रामदिया ने दोनों का अपहरण कर लिया और साथ ही उसने आशंका जताई कि दोनों महिलाओं की हत्या हो सकती है। इस दौरान लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस मौके पर जैन समाज के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश जैन, ब्राह्मण सभा के प्रधान राजेश शर्मा, पूर्व नगर पार्षद डॉ. सुरेंद्र शर्मा, जनवादी महिला संगठन की अध्यक्ष नूतन प्रकाश, सुरेश वर्मा, प्रकाश चंद, मनजीत कौर, राजेंद्र, शमशेर और कृष्णा मौजूद थे।