हरियाणा में एविन इंफ्लुएंजा बर्ड फ्लू के एच 5 एन 8 की बर्ड फ्लू रिपोर्ट के बाद प्रदेश सरकार ने हाई अलर्ट कर दिया है। हिसार जिला प्रशासन की ओर से एक्ट नोटिफाई कर दिया गया। अधिकारियों की आपात बैठक वीरवार 11 बजे बाद तक चली। शुक्रवार की सुबह छह बजे से अभियान चलाया जाएगा।
इस एक्ट के अनुसार ब्लू बर्ड पर्यटन केंद्र के एक किलोमीटर के दायरे में पक्षियों को मारा जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से स्पेशल टीम शुक्रवार को हिसार पहुंच जाएगी। प्रशासन की ओर से रात 10 बजे चार टीमों का गठन कर दिया गया है। यह स्पेशल टीम पक्षियों को मारने का काम शुरू करेंगी। टीम ने रात के समय ही काम शुरू किया। पक्षियों को सुरक्षित तरीके से मारने के लिए तैयारी की गई।
पशुपालन विभाग की ओर से वीरवार को 18 टीमों का गठन किया गया था। हर एक टीम में एक वेटरनरी डॉक्टर के अलावा दो से तीन अन्य लोग थे। इन टीम में से 8 टीम को सर्वे के लिए लगाया गया। टीम ने झील के दस किलोमीटर के दायरे में सर्वे किया, जिसमें दस किलोमीटर के दायरे में आने वाले पोल्ट्री फार्म का रिकॉर्ड जुटाया। घरों में पाली जाने वाली मुर्गियों के बारे में भी रिकॉर्ड जुटाया। इन सभी टीम ने अपनी रिपोर्ट पशुपालन विभाग को सौंप दी है। जिसमें खासतौर पर मुर्गों की पहचान की गई है। मुर्गे में यह बीमारी सबसे अधिक फैलती है। दस टीमों को रिजर्व में रखा गया था। बर्ड फ्लू की रिपोर्ट मिलने के बाद अब केंद्र सरकार की टीम की निगरानी में पूरा अभियान चलेगा। प्रदेश सरकार की ओर से भी चिकित्सकों की टीम भेजी जाएगी। सीनियर ऑफिसर भी यहां नियुक्त किए जाएंगे।
एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
बर्ड फ्लू सामने आने के बाद जिला प्रशासन की ओर से एक्ट नोटिफाई जारी किया जाता है। इसमें पक्षियों को अधिनियम के तहत मारा जाता है। अधिनियम के तहत इस झील के करीब एक किलोमीटर के दायरे में जो भी पक्षी होगा सक्रंमित मानकर उसे मारा जाएगा। एक्ट में निर्देश होता है कि किस अधिकारी को क्या काम करना होगा। इस एक्ट के अनुसार ही पूरी कार्यवाही होगी।
ऐसे मारा जाएगा पक्षियों को
झील के अंदर रहने वाले 160 के करीब पक्षियों को पानी में मिलाकर दवा पिलाई जाएगी। इसके बाद पक्षी बेहोशी की हालत में जाने पर उनकी गर्दन मरोड़ कर उन्हें मारा जाएगा। इसके बाद पक्षियों को दो मीटर चौड़ा, दो मीटर गहरा, दो मीटर लंबा गड्ढा खोद कर उसमें दफनाया जाएगा। पक्षियों को बोरी में डालकर उस पर चूना डालकर दफनाया जाएगा। चूना गर्म होता है, जिससे वायरस चूने के कारण जमीन से बाहर नहीं आ सकेगा। मृत पक्षियों को जलाया जाएगा।
जानिए अब तक क्या हुआ
पशु पालन विभाग ने लुवास के चिकित्सकों के साथ ब्लू बर्ड पर्यटन केंद्र की झील में 5 से एक नवंबर को अधिक पक्षी मृत मिले थे। विभाग ने इन पक्षियों को बर्ड फ्लू की आशंका के बाद जांच के लिए जालंधर लैब भेजा था। इसके बाद मंगलवार 2 नवंबर को भी 5 से अधिक पक्षी मरे पाए गए। मंगलवार को पशुपालन विभाग के चिकित्सकों व लुवास वैज्ञानिकों ने मुआयना कर पर्यटन केंद्र को सील कर दिया था। बुधवार को पशुपालन विभाग के महानिदेशक डॉ. जीएस जाखड़ ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया था। जालंधर लैब ने सैंपल को भोपाल लैब में भेजा। बुधवार को भोपाल की लैब ने इसकी टेस्टिंग शुरू की। वीरवार देर शाम बर्ड फ्लू होने की रिपोर्ट आई।
बर्ड फ्लू : बर्ड फ्लू के नाम से जाने जाने वाले इस खतरनाक वायरस का संक्रमण इंसानों और पक्षियों को अधिक प्रभावित करता है। बर्ड फ्लू इंफेक्शन चिकन, टर्की, गीज और बतख की प्रजाति जैसे पक्षियों को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। इससे इंसान और पक्षियों की मौत तक हो सकती है।
बर्ड फ्लू के लक्षण
- बुखार आना।
- हमेशा कफ रहना।
- नाक बहना
- सिर में दर्द रहना।
- गले में सूजन।
- मांसपेशियों में दर्द।
- दस्त होना।
- हर वक्त उल्टी-उल्टी सा महसूस होना।
- पेट के निचले हिस्से में दर्द रहना।
- सांस लेने में समस्या, सांस ना आना।
- निमोनिया होने लगता है।
कैसे इंसानों तक पहुंचता है यह वायरस
ये बीमारी संक्रमित बतखों, मुर्गों या अन्य पक्षियों के बेहद निकट रहने से ही फैलती है। यानी पक्षियों की अलग-अलग प्रजातियों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में संपर्क में रहने से इंसानों में बर्ड फ्लू वायरस फैलता है। चाहें पक्षी मरा हुआ हो या जिंदा। इंसानों में ये वायरस उनकी आंखों, मुंह और नाक के जरिए फैलता है। इसके अलावा इंफेक्टिड बर्ड्स की सफाई या उन्हें नोंचने से भी इंफेक्शन फैलता है।
बर्ड फ्लू का इलाज
- बर्ड फ्लू का इलाज एंटीवायरल ड्रग्स से किया जाता है।
- इस वायरस को कम करने के लिए पूरी तरह आराम करना चाहिए।
- हेल्दी डायट लेनी चाहिए जिसमें अधिक से अधिक लिक्विड हो।
- बर्ड फ्लू अन्य लोगों में ना फैले इसके लिए मरीज को एकांत में रखना चाहिए।
- कम से कम लोग मरीज से मिलें।
ये सावधानियां बरतें-
- किसी भी मरे हुए या बीमार पक्षियों को ना छुएं।
- फिलहाल बर्ड फ्लू एरिया में नॉनवेज से दूर रहें।
- नॉनवेज खा रहे हैं तो उबाल कर ही खाएं।
- जहां से भी आप नॉनवेज खरीद रहे हैं। वहां ध्यान रखें कि साफ-सफाई हो और सभी तरह की सावधानियां बरती गई हों।
- केवल डॉक्टरी जांच के बाद वाला ही नॉनवेज खाएं।