सूरज अपने मां-बाप का इकलौता पुत्र था। उसकी एक छोटी बहन रेणु है, जो शादीशुदा है। उसकी आंखों के आंसू भाई की मौत के बाद सूखने का नाम नहीं ले रहे हैं। वह रोते-रोते कहती है कि अपनी पसंद की जो राखी भाई के लिए खरीदकर लाई थी, अब किसके हाथ पर बांधेगी। सूरज की मां सुनील का रोते-रोते बार-बार बेसुध अवस्था में पहुंच जाती है, जबकि उसके पिता कर्मबीर अपने दर्द को दिल में दबाकर सूरज की मां व बहन को समझाने के प्रयास कर रहे हैं।
प्रदीप व उसकी बुआ को जिंदल अस्पताल में दाखिल कराया गया, जबकि अज्ञात युवक एक अन्य प्राइवेट अस्पताल में दाखिल कराया गया। प्रदीप ने इलाज के दौरान शनिवार सुबह 10 बजे दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर भिवानी सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
प्रदीप की हैं तीन बेटियां
मृतक प्रदीप के परिजनों ने बताया कि प्रदीप ड्राइविंग करता था। उसकी शादी लगभग 10 साल पहले हुई थी और उसकी तीन बेटियां हैं। वह अपनी बुआ सुुंदर देवी को बस स्टैंड पर छोड़ने के लिए बाइक पर जा रहा था। प्रदीप ने हेलमेट नहीं पहन रखा था, जिस कारण सिर में गहरी चोट लगने से उसकी मौत हो गई।
दो अगस्त को भी ऐसा हादसा हुआ था, जिसमें बाइक सवार द्वारा हेलमेट नहीं पहना हुआ था। जिंदल कॉलोनी निवासी 19 वर्षीय दीपक बाइक से दिल्ली बाईपास पर जा रहा था और स्कोडा गाड़ी की चपेट में आने से घायल हो गया था। हेलमेट न होने के कारण उसके सिर में गहरी चोट लगी, जो उसकी मौत का कारण बनी। इसी प्रकार सूरज और प्रदीप ने भी हेलमेट नहीं पहना था, जिस कारण दोनों के सिर में गहरी चोट लगी और वही उनकी मौत का कारण बनी।
सिर में चोट लगने से होती हैं 60 से 70 प्रतिशत मौतें
दोपहिया वाहनों के हादसों में होने वाली मौतों में 60 से 70 प्रतिशत मौतें सिर में गहरी चोट लगने से होती हैं और इनमें सभी ऐसे होते हैं जो हेलमेट नहीं पहने होते हैं। जिला पुलिस द्वारा समय-समय पर ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता लाने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। अभिभावकों को भी अपने बच्चों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित और जागरूक करना चाहिए, ताकि इस तरह असमय युवाओं को मौत के मुंह में जाने से रोका जा सके। पुलिस हेलमेट पहनने की सख्ती चालान काटने के लिए नहीं, बल्कि लोगों को हेलमेट की महत्ता दर्शाने के लिए करती है। - इंस्पेक्टर शमशेर सिंह, एसएचओ ट्रैफिक, हिसार।