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हेलमेट न पहनने की आदत ने ली भाई की जान, बहन बोली-खरीदी थी पसंद की राखी, अब किसे बांधूंगी 

Sun, 11 Aug 2019 10:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार (हरियाणा)
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राखी की सांकेतिक तस्वीर, मृतक सूरज का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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जिले में अलग-अलग हादसों में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन घायल हो गए। दोनों ही हादसों में बाइक सवार युवकों ने हेलमेट नहीं पहना हुआ था। हादसे का शिकार हुए युवकों के सिर में गहरी चोट लगी, जो उनकी मौत का कारण बनी। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया। घायल युवकों का निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

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पहला हादसा : अंधेरे में रास्ता भटके, पीछे मुड़े तो आए चपेट में
बहबलपुर गांव के समीप हुए हादसे में धिगताना निवासी 23 वर्षीय सूरज और 22 वर्षीय रविंद्र घायल हो गए। परिजनों के अनुसार सूरज प्राइवेट कोचिंग सेंटर में एग्जाम की कोचिंग लेता था। शुक्रवार का उसका एमटीएस का दिल्ली में पेपर था। उसका दोस्त रविंद्र भी उसके साथ गया था।

 

दिल्ली से पेपर देकर वे शुक्रवार रात करीब 10 बजे हिसार पहुंचे और अपनी बाइक से गांव के लिए चले। बाइक सूरज चला रहा था और दोनों ने ही हेलमेट नहीं पहना था। उन्हें अपने गांव धिगताना के लिए बहबलपुर गांव से मुड़ना था, लेकिन रात के अंधेरे में वह मोड़ से आगे निकल गए। जब उन्हें याद आया कि वे आगे निकल गए हैं तो उन्होंने बाइक रोक कर मोड़ने का प्रयास किया, लेकिन इससे पहले कि वे बाइक मोड़ पाते, पीछे से आ रहे अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी।

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अज्ञात वाहन चालक दुर्घटना के बाद गाड़ी सहित मौके से फरार हो गया। हादसे में सूरज और रविंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने उन्हें नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने सूरज को मृत घोषित कर दिया, जबकि रविंद्र को रेफर कर दिया। उसके परिजन उसे प्राइवेट अस्पताल में ले गए, जहां उसका इलाज चल रहा है। सूचना मिलने पर बरवाला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।

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बहन बोली - इकलौते भाई के लिए खरीदी थी पसंद की राखी, अब किसे बांधूंगी 

सूरज अपने मां-बाप का इकलौता पुत्र था। उसकी एक छोटी बहन रेणु है, जो शादीशुदा है। उसकी आंखों के आंसू भाई की मौत के बाद सूखने का नाम नहीं ले रहे हैं। वह रोते-रोते कहती है कि अपनी पसंद की जो राखी भाई के लिए खरीदकर लाई थी, अब किसके हाथ पर बांधेगी। सूरज की मां सुनील का रोते-रोते बार-बार बेसुध अवस्था में पहुंच जाती है, जबकि उसके पिता कर्मबीर अपने दर्द को दिल में दबाकर सूरज की मां व बहन को समझाने के प्रयास कर रहे हैं।

दूसरा हादसा : बुआ को छोड़ने जा रहा था बस स्टैंड
भिवानी के गुजरानी गांव के बस स्टैंड के समीप दो बाइकों की भिड़ंत हो गई। दोनों बाइकों पर गुजरानी गांव के निवासी थे, जिनमें एक बाइक पर 30 वर्षीय प्रदीप और उसकी बुआ सुंदर देवी थे, जबकि दूसरी बाइक पर अज्ञात युवक सवार था, जो गांव का भांजा बताया गया है। हादसे में प्रदीप व उसकी बुआ और अज्ञात युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।

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प्रदीप व उसकी बुआ को जिंदल अस्पताल में दाखिल कराया गया, जबकि अज्ञात युवक एक अन्य प्राइवेट अस्पताल में दाखिल कराया गया। प्रदीप ने इलाज के दौरान शनिवार सुबह 10 बजे दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर भिवानी सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

प्रदीप की हैं तीन बेटियां
मृतक प्रदीप के परिजनों ने बताया कि प्रदीप ड्राइविंग करता था। उसकी शादी लगभग 10 साल पहले हुई थी और उसकी तीन बेटियां हैं। वह अपनी बुआ सुुंदर देवी को बस स्टैंड पर छोड़ने के लिए बाइक पर जा रहा था। प्रदीप ने हेलमेट नहीं पहन रखा था, जिस कारण सिर में गहरी चोट लगने से उसकी मौत हो गई।
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दो दिन पहले भी हेलमेट न होना बना था मौत का कारण

दो अगस्त को भी ऐसा हादसा हुआ था, जिसमें बाइक सवार द्वारा हेलमेट नहीं पहना हुआ था। जिंदल कॉलोनी निवासी 19 वर्षीय दीपक बाइक से दिल्ली बाईपास पर जा रहा था और स्कोडा गाड़ी की चपेट में आने से घायल हो गया था। हेलमेट न होने के कारण उसके सिर में गहरी चोट लगी, जो उसकी मौत का कारण बनी। इसी प्रकार सूरज और प्रदीप ने भी हेलमेट नहीं पहना था, जिस कारण दोनों के सिर में गहरी चोट लगी और वही उनकी मौत का कारण बनी।

सिर में चोट लगने से होती हैं 60 से 70 प्रतिशत मौतें
दोपहिया वाहनों के हादसों में होने वाली मौतों में 60 से 70 प्रतिशत मौतें सिर में गहरी चोट लगने से होती हैं और इनमें सभी ऐसे होते हैं जो हेलमेट नहीं पहने होते हैं। जिला पुलिस द्वारा समय-समय पर ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता लाने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। अभिभावकों को भी अपने बच्चों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित और जागरूक करना चाहिए, ताकि इस तरह असमय युवाओं को मौत के मुंह में जाने से रोका जा सके। पुलिस हेलमेट पहनने की सख्ती चालान काटने के लिए नहीं, बल्कि लोगों को हेलमेट की महत्ता दर्शाने के लिए करती है। - इंस्पेक्टर शमशेर सिंह, एसएचओ ट्रैफिक, हिसार।
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