अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन का लोगन हाल खचाखच भरा नजर आया। हिंदू कौंसिल ट्रस्ट यूके के महासचिव अरुण ठाकुर ने बताया कि लोगन हाल में 1200 लोगों के बैठने की क्षमता है। उत्सव के लिये हिंदू कौंसिल ट्रस्ट ने रजिस्ट्रेशन शुरू किया था। लेकिन सीटें फुल होने के बाद चार दिन पहले ही रजिस्ट्रेशन बंद करना पड़ा।
यह रहे मौजूद
समारोह में स्वामी ज्ञानानंद महाराज, स्वामी गुरुशरणानंद मथुरा वृंदावन, स्वामी धर्मदेव, गुरु भूपेंद्र सिंह, लंदन के सांसद वीरेंद्र शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सेकेट्री राजेश खुल्लर और लंदन की हिंदू काउंसिल के अध्यक्ष उमेश शर्मा, सीएम के ओएसडी अमरेंद्र सिंह, केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा आदि मौजूद थे। उद्योग मंत्री विपुल गोयल हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल का संदेश लेकर पहुंचे।
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मन को शांति देती है गीता- ब्रिटिश सांसद
ब्रिटिश सांसद ने कहा कि श्रीकृष्ण भगवान कहते हैं कि अपने मन में कोई भी कामना या इच्छा रहती है तो शांति नहीं मिल सकती। हम जो कर्म करते हैं उसके साथ अपेक्षित परिणाम को साथ में देखने लगते हैं। अपनी पसंद के परिणाम की इच्छा हमें दिन प्रति दिन कमजोर करने लगती है। उन्होंने इस आयोजन के लिए भारत सरकार, हरियाणा सरकार, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और मुख्य रुप से यूके के धार्मिक संगठनों का आभार जताया।
महोत्सव अंतरराष्ट्रीय हो सकता है, पर गीता तो पहले से
संत समाज एवं हिंदू धर्म आचार्य सभा के संयोजक गुजरात से आए स्वामी परमानंद ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव है, पर गीता तो स्वरूप से ही अंतरराष्ट्रीय है। कृष्ण भगवान ने कुरुक्षेत्र में बड़ी क्रांति की है। उन्होंने कहा कि महाभारत के समय तो सिर्फ एक अर्जुन ही तनाव में था, जबकि वर्तमान भौतिकवादी दौर में हर व्यक्ति तनाव की मुद्रा में है। इसे हमें खुद दूर करना होगा और इसे दूर करने में गीता की शरण में आने की आवश्यकता है।