हिसार/सिवानी। सांसद दुष्यंत चौटाला शुक्रवार को बिधावन गांव में बुजुर्गों से मिले और उनका हालचाल जाना। उन्होंने गांव वालों को सद्भावना रैली में करनाल पहुंचने का न्योता दिया। गांव से निकले तो खेत में खड़े एक किसान को देख गाड़ी रुकवा ली। उससे ग्वार-बाजरे की फसल के बारे में पूछा। फसल देखकर खुद बोल पड़े, बाजरे की सिट्टी दिखै तो ठीक सै।
गांव में लोगों से मिले तो बुजुर्गों ने उनको उनके पिता अजय चौटाला और दादा ओम प्रकाश चौटाला के क्षेत्र के प्रति लगाव की बात बताई और उनसे आत्मीय रिश्ता जाहिर किया। गांव का एक किसान देशी मतीरी लेकर आया और बोला, दुष्यंत बेटा, देशी मतीरी तो तेरे बाबू न खिलांण की इच्छा थी। तेरै बाबू तै भी आच्छा लागै सै तू। दुष्यंत ने उस देशी मतीरी को वहीं ग्रामीणों के बीच में बैठकर खाया। इसके बाद दुष्यंत ने ग्रामीणों से करनाल सद्भावना रैली में पहुंचने का आह्वान किया और सभी से राम राम कर गांव से विदाई ली।