हांसी। हाईवे पर स्थित नई ऑटो मार्केट में वर्ष 2019 में आवंटित की जा चुकी दुकान की दोबारा बोली लगा कर बेचने पर कोर्ट ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया। विभाग ने दुकान को वर्ष 2022 में ई-ऑक्शन में शामिल कर बोली लगवाई गई और 10 प्रतिशत की राशि जमा भी करवाई। बाद में विभाग ने राशि लौटा दी थी। इस पर बोली दाता ने कोर्ट का रुख किया था।
मामले में बोलीदाता के वकील आशुतोष अरोड़ा ने यह जानकारी दी। बताया कि हुडा ने नई ऑटो मार्केट में बूथ नंबर 81 को अप्रैल 2022 में ई-ऑक्शन में शामिल किया था। दुकान 22.69 वर्ग मीटर की है। इसके लिए गोल कोठी निवासी जसविंदर वलेचा ने सबसे ज्यादा 24.94 लाख रुपये की बोली लगाई थी। बोली की 10 प्रतिशत राशि विभाग को जमा करवा दी थी।
जब उन्हें एलओआई जारी करने की बारी आई तो विभाग ने जमा राशि लौटा दी। बाद में उन्हें पता लगा कि जिस दुकान की बोली लगाई थी वह दुकान वर्ष 2019 में पहले से ही दूसरे व्यक्ति को आवंटित थी। बोली रद्द करने से वह दुकान लेने से वंचित रह गई। उन्होंने कोर्ट में याचिका लगाकर विभाग से उन्हें दूसरी दुकान दिलाने की मांग की थी। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई कर विभाग पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगा दिया। यह राशि हर्जाने के तौर पर याचिकाकर्ता को दी जाएगी।
-विभाग ने यह दुकान 2019 में आवंटित होने के बाद भी इसे चार बार और ई-ऑक्शन में शामिल किया गया। मामले में स्टे होने के बाद भी इसे ई-ऑक्शन में शामिल किया गया था। इसमें विभाग के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर व एस्टेट ऑफिसर के खिलाफ अवमानना का केस भी विचाराधीन है।
- आशुतोष अरोड़ा, वकील, याचिकाकर्ता पक्ष।