हांसी। भाटला सामाजिक बहिष्कार प्रकरण में दर्ज एफआईआर नंबर 225 के मामले में हाईकोर्ट ने सरपंच प्रतिनिधि समेत 6 आरोपियों की याचिका को खारिज कर दिया है। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता रजत कलसन ने बताया कि इन गिरफ्तारी वारंट के खिलाफ सरपंच प्रतिनिधि पुनीत व पांच अन्य आरोपियों ने पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट से अपने खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगाने की मांग की थी, मगर कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद यह सभी आरोपी सुप्रीम कोर्ट गए थे, जहां पर सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें फौरी तौर पर राहत देते हुए उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगाते हुए पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट की बेंच को निश्चित समय में इनके द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका पर फैसला देने को कहा था।
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में 27 अक्टूबर को आरोपी और पीड़ित पक्ष के मध्य बहस हुई जिसके बाद अदालत ने अपना फैसला रिजर्व कर लिया था। अब हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए आरोपियों की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट में पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अर्जुन श्योरण ने बताया कि इस मामले के आरोपी सरपंच प्रतिनिधि पुनीत कुमार, लीला, सुमेरू पंडित, जयकिशन, साधुराम, रामचंद्र की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है। अब पुलिस को इन्हें गिरफ्तार करना होगा।