हिसार। आपके पास सपने हैं, उन्हें साकार करने का जज्बा और जुनून है तो कोई भी मुश्किल रास्ता नहीं रोक सकती। इसे सच कर दिखाया कारोबारी भरत सिंह ने। कभी घर में चाऊमीन बनाकर रेहड़ी पर घूम-घूमकर बचने वाले भरत सिंह ने मेहनत के बूते अपने कारोबार को उस बुलंदी पर पहुंचा दिया कि आज उनकी मिनी इंडस्ट्री है। वे एमएसएमई का लाइसेंस लेकर कारोबार कर रहे हैं। सैनी नूडल्स के नाम से 70 से अधिक खाद्य उत्पाद आज देश के चार राज्यों तक पहुंच रहे हैं।
भरत सिंह बताते हैं कि वर्ष 1999 में वह सुनार की दुकान पर काम करते थे। परिवार की आर्थिक हालत अच्छी नहीं थी तो 10वीं कक्षा में ही काम शुरू कर दिया। इसके बाद आटा चक्की का काम शुरू किया। कामकाज को बढ़ाते हुए हिसार में चाऊमीन बनाने की पहली मशीन लगाई। हालांकि उस वक्त चाऊमीन के खरीदार बहुत कम थे। ऐसे में लोगों की जुबां पर चाऊमीन का स्वाद चढ़ाने के लिए रेहड़ी लगाकर बेचा। कुछ अन्य लोगों की रेहड़ियां लगवाईं। इसके बाद लोग चाऊमीन पसंद करने लगे।
वर्ष 2000 में शुरू कर दिया कारखाना
भरत सिंह ने बताया कि आमदनी बढ़ी तो वर्ष 2000 में अपना कारखाना शुरू कर दिया। इसमें बर्गर, बिस्किट, ब्रेड, केक, पाव, पेटीज, ब्राऊनी, सैंडविच, साॅस बनाने लगे। अभी दो स्थानों पर कारखाने चल रहे हैं। जहाजपुल जलेबी चौक के पास तीसरी शाखा खोलने वाले हैं। फिलहाल हिसार के अलावा सिरसा, फतेहाबाद सहित अन्य जिलों में बैकरी उत्पाद पहुंच रहे हैं। हरियाणा के अलावा पंजाब, राजस्थान, दिल्ली के लोग भी बैकरी उत्पाद मंगवा रहे हैं। पूरा परिवार अब इसी कारोबार में हैं।
सीएम को पसंद आए देसी घी वाले आटे के बिस्किट
भरत सिंह ने बताया कि वह स्वदेशी के नारे को बुलंद कर रहे हैं। स्वेदशी मेले में उनकी स्टॉल पर सीएम नायब सिंह सैनी, विधायक सावित्री जिंदल भी पहुंचे। सीएम को देसी घी के आटे के बिस्किट खिलाए। स्वाद अच्छा लगा तो उन्होंने काफी सराहा।