माई सिटी रिपोर्टर
हिसार। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौलिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय में विश्व मधुमक्खी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने कहा कि मधुमक्खियां शहद देने वाली कीट नहीं है बल्कि हमारे जीवन, पर्यावरण और भोजन शृंखला की महत्वपूर्ण कड़ी है।
उन्हाेंने कहा कि विश्व की लगभग 75 प्रतिशत खाद्य फसलें परागण पर निर्भर हैं। इस कार्य को मुख्य रूप से मधुमक्खियां करती हैं। मधुमक्खियों के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। मधुमक्खियां फसलों एवं सब्जियों की पैदावार बढ़ाने के साथ-साथ पोषण सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा मधुमक्खी पालन को लेकर अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। कुलपति ने कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों को शहद वितरित किया।
अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग ने कहा वर्तमान समय में मधुमक्खियां अनेक खतरों का सामना कर रही हैं जिसमें कीटनाशकों का अत्यधिक प्रयोग, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आवास की हानि तथा बीमारियां शामिल हैं। कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एसके पाहुजा, विभाग की अध्यक्ष डॉ. सुनीता यादव, डॉ. भूपेंद्र सिंह ने भी संबोधित किया।