हिसार। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) और बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा (बीसीपीएच) की ओर से चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाए जाने के बावजूद शुक्रवार को हिसार जिला बार एसोसिएशन के चुनाव निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न हो गए। 75 प्रतिशत से अधिक मतदान के बीच अधिवक्ताओं ने एडवोकेट प्रदीप बाजिया को लगातार दूसरी बार प्रधान चुना जबकि सचिव पद पर समीर सिहाग विजयी रहे। सभी निर्वाचित पदाधिकारियों को शनिवार को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी।
कुल 2,763 मतदाताओं में से 2,088 अधिवक्ताओं ने मतदान किया। चुनाव की सबसे बड़ी चर्चा यह रही कि बार काउंसिल के निर्देशों और आपत्तियों के बावजूद चुनाव प्रक्रिया नहीं रुकी। प्रधान पद के चुनाव में प्रदीप बाजिया ने 1,066 वोट हासिल कर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी मोहित अरोड़ा को 113 वोटों से पराजित किया। मोहित अरोड़ा को 953 और ओम नारायण कौशिक को 54 वोट मिले, जबकि पांच मत नोटा के पक्ष में पड़े।
सचिव पद पर समीर सिहाग ने 1,161 वोट प्राप्त कर राजबीर सिंह भाटी को 545 वोटों के बड़े अंतर से हराया। राजबीर सिंह भाटी को 616, मोहित चौधरी को 220 तथा रामनिवास चौधरी पायल को 61 वोट मिले। 20 मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना।
उपप्रधान पद पर राहुल सिंह ने 948 वोट लेकर श्वेता शर्मा को 443 वोटों से पराजित किया। संयुक्त सचिव पद पर साहिल मंदरेणा ने कर्ण छाबड़ा को 87 वोटों से हराया। कोषाध्यक्ष पद पर आशा रानी बाल्यान ने गरिमा जैन को 116 वोटों के अंतर से मात दी।
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जीत के बाद क्या बोले बाजिया
दोबारा प्रधान चुने जाने पर प्रदीप बाजिया ने कहा कि बार एसोसिएशन के चुनाव लंबे समय से लंबित थे और अधिवक्ताओं की लोकतांत्रिक इच्छा के अनुरूप संपन्न कराए गए हैं। उन्होंने चुनाव अधिकारी दिलीप जाखड़ की सराहना करते हुए कहा कि तमाम दबावों और विवादों के बावजूद चुनाव प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कराई गई। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा, बार और बेंच के बीच बेहतर समन्वय तथा बिना चैंबर वाले अधिवक्ताओं के लिए बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करना रहेगी। वहीं सचिव पद पर विजयी समीर सिहाग ने कहा कि यह चुनाव भाईचारे और एकता का प्रतीक है और नई कार्यकारिणी अधिवक्ताओं के हितों के लिए कार्य करेगी।
ऐसे शुरू हुआ विवाद
बार एसोसिएशन की पिछली कार्यकारिणी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद एडहॉक कमेटी बनाई गई थी। बाद में दूसरी एडहॉक कमेटी के गठन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। नई कमेटी ने एडवोकेट दिलीप जाखड़ को रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त कर 12 जून को चुनाव कराने की घोषणा की थी। विवाद बढ़ने पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने 4 जून को चुनाव प्रक्रिया रोकने के निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद 5 जून को हुई बैठक में कुछ अधिवक्ताओं ने चुनाव तय कार्यक्रम के अनुसार कराने का निर्णय लिया। अंततः शुक्रवार को मतदान हुआ और नई कार्यकारिणी का चुनाव संपन्न हो गया।
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कुल मतदाता: 2,763
कुल मतदान: 2,088
मतदान प्रतिशत: 75 प्रतिशत से अधिक
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प्रधान पद
प्रत्याशी
वोट
प्रदीप बाजिया (विजयी)
1,066
मोहित अरोड़ा 953
ओम नारायण कौशिक
54
नोटा 5
जीत का अंतर : 113 वोट
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सचिव पद
प्रत्याशी
वोट
समीर सिहाग (विजयी)
1,161
राजबीर सिंह भाटी
616
मोहित चौधरी
220
रामनिवास चौधरी पायल
61
नोटा 20
जीत का अंतर : 545 वोट
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उपप्रधान पद
प्रत्याशी
वोट
राहुल सिंह (विजयी)
948
श्वेता शर्मा
505
अश्विनी कुमार आर्यन
364
भागीरथ सिंह लदोइया 226
नोटा 34
जीत का अंतर : 443 वोट
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संयुक्त सचिव पद
प्रत्याशी
वोट
साहिल मंदरेणा (विजयी)
760
कर्ण छाबड़ा 673
जगरूप सिंह विर्क
623
नोटा 23
जीत का अंतर : 87 वोट
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कोषाध्यक्ष पद
प्रत्याशी
वोट
आशा रानी बाल्यान (विजयी)
1,025
गरिमा जैन
909
पूजा गिरी
111
नोटा 32
जीत का अंतर : 116 वोट