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11 से 85 साल के एथलीट जीत रहे पदक, फिर भी खेल विभाग का नहीं अपना सिंथेटिक ट्रैक

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हिसार। ओलंपिक में नीरज चोपड़ा के स्वर्ण पदक जीतने के बाद खिलाड़ियों का तेजी से एथलेटिक्स में रुझान बढ़ा है। सात साल की उम्र में ही खिलाड़ी पदक जीतने के लिए मैदान में पसीना बहा रहे हैं। ओलंपिक से पहले जहां एक ओर चार कोच के पास 400 खिलाड़ी अभ्यास कर रहे थे। आज खिलाड़ियों की संख्या 700 से पार है। हर किसी के माता-पिता अपने बच्चों को नीरज चोपड़ा बनाने का सपना देख रहे हैं।
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आज अंडर-11 से लेकर 85 साल तक के एथलीट पदक जीत रहे हैं। मगर हैरानी की बात है कि खेल विभाग आज तक अपना सिंथेटिक ट्रैक नहीं बनवा पाया है। इससे न केवल खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित हो रहा है, बल्कि चोटिल होने का डर सताता है। महाबीर स्टेडियम में 400 मीटर का एथलेटिक्स ट्रैक तो बना हुआ है, लेकिन वह सिंथेटिक ट्रैकनहीं है। कई बार खिलाड़ियों ने विभाग के आलाधिकारियों के सामने सिंथेटिक ट्रैक बनवाने की गुहार भी लगाई, मगर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। हाल ही में चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 42वीं राष्ट्रीय मास्टर्स एथलेटिक प्रतियोगिता में हिसार के रहने वाले हरिराम बेनीवाल ने 85 प्लस आयु वर्ग में 5000 मीटर, 1500 मीटर, 800 मीटर रेस व 4 गुना 400 मीटर की रिले दौड़ में स्वर्ण पदक हासिल किए।
एथलीट खिलाड़ियों की संख्या सबसे ज्यादा
खेल विभाग की ओर से विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मगर एथलीट खिलाड़ियों की संख्या सबसे ज्यादा है। हर माता-पिता अपने बच्चों को एथलेटिक्स गेम्स में भेज रहे हैं। मगर आज तक खिलाड़ियों को अभ्यास करने के लिए सिंथेटिक ट्रैक नहीं मिला। इतना ही नहीं, एथलेटिक कोच की ओर से भी सिंथेटिक ट्रैक बनवाने की मांग की गई थी।
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अंडर-11 में महिमा ने जीते दो स्वर्ण पदक
विद्युत नगर में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रही कोच रिंकू ने बताया कि वर्ष 2021 के अक्तूबर माह में हुई जिला स्तरीय स्कूली प्रतियोगिता में अंडर-11 में सेक्टर 1-4 की रहने वाली महिमा ने 100 मीटर रेस और शॉटपुट में स्वर्ण पदक जीता था। इसी प्रकार अनुष्का ने अंडर-14 में शॉटपुट और बाल थ्रो में स्वर्ण पदक हासिल किया था।
मैं बाहर हूं। सिंथेटिक ट्रैक बनना है या नहीं। इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। महाबीर स्टेडियम आने के बाद पता किया जाएगा। - जगबीर सिंह, जिला खेल अधिकारी
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