पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण को कई बार मजाकिया अंदाज भी दिखाया। भाषण के अंत में उन्होंने लोगों से पूछा कि 21 अक्तूबर को क्या है। इस पर लोगों ने चिल्लाते हुए कहा कि मतदान है। मोदी ने हंसते हुए जवाब दिया, अरे भई सोमवार है। फिर उन्होंने कहा कि रविवार और सोमवार को दो दिन की छुट्टी होने पर मन करेगा कि कहीं घूमने को चले जाएं या किसी रिश्तेदारी में मिलने को जाएं। मगर ऐसा नहीं करना है। जिम्मेदारी समझते हुए 21 अक्तूबर को अपने गांव और पोलिंग बूथ पर रहकर मतदान करना है। लोकतंत्र का उत्सव मनाते हुए दूसरों को भी मतदान के लिए प्रेरित करना है।
कई मुद्दों पर गंभीरता भी दिखाई
मोदी ने भाषण में गंभीरता भी दिखाई। कुछ ऐसे पहलुओं से भी लोगों को अवगत करवाया, जिन्होंने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के नेता आपस में लड़ने में व्यस्त रहते हैं। वह अपने स्वार्थ में लगे रहते हैं। इस कारण उन्होंने अपने दलों को ही अस्थिर कर दिया है। ऐसे लोग हरियाणा को कैसे स्थिर कर सकते हैं।
हम काम करते हैं और विरोधी कारनामे
जब मोदी ने अपने भाषण में कहा कि हमने पांच साल में काम किया है, जबकि विरोधियों ने कारनामे किए हैं। हम काम करने आते हैं, जबकि विरोधी कारनामे। क्या हरियाणा को ऐसे कारनामे करने वालों की जरूरत है। इस पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने ठहाके लगाते हुए मोदी-मोदी के नारे लगाने शुरू कर दिए।