आदमपुर से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे पूर्व मुख्यमंत्री स्व. भजनलाल के पुत्र कुलदीप बिश्नोई की प्रतिष्ठा न केवल आदमपुर हलके में दांव पर लगी है, बल्कि जिले के तीन हलकों में भी दांव पर लगी है। वे खुद जहां अपने पिता की विरासत के गढ़ आदमपुर हलके को बचाने में जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं, वहीं हिसार और नलवा सीट भी उनकी प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई है।
कुलदीप बिश्नोई कांग्रेस हाईकमान से अपने प्रयासों से जिले की तीन सीटों पर टिकट पाने में कामयाब रहे। इनमें स्वयं के लिए आदमपुर के अलावा हिसार से रामनिवास राड़ा और नलवा से रणधीर पनिहार को टिकट दिलवाई है। अब कुलदीप के सामने न केवल अपनी सीट पर जीत दर्ज करने की चुनौती है, बल्कि अपने कट्टर समर्थक रामनिवास राड़ा और रणधीर पनिहार की जीत के लिए भी प्रयास करने पड़ रहे हैं। इसके लिए भले अब तक कुलदीप अपना हलका छोड़कर राड़ा और पनिहार के हलके में नहीं जा पाए हैं, लेकिन उनकी पत्नी पूर्व विधायक रेणुका बिश्नोई और लोकसभा का चुनाव लड़ने वाले उनके पुत्र भव्य बिश्नोई लगातार रणधीर पनिहार के लिए नलवा हलके के दौरे कर रहे हैं। फिलहाल राड़ा के प्रचार के लिए बिश्नोई परिवार से कोई भी सदस्य समय नहीं निकाल सका है।
ये थी तीनों सीटों पर पिछली बार की स्थिति
आदमपुर से स्वयं कुलदीप बिश्नोई हजकां से चुनाव जीते थे। हालांकि वे अपनी पार्टी हरियाणा जनहित कांग्रेस से लड़े थे और बाद में उन्होंने अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर लिया था। उन्होंने इनेलो के कुलबीर बैनीवाल को 17249 मतों से हराया था। कुलदीप बिश्नोई को 56757, जबकि कुलबीर को 39508 मत हासिल हुए थे। नलवा हलके में रणबीर गंगवा इनेलो से चुनाव जीते थे। अब वे भाजपाई हो चले हैं। उन्होंने हजकां के चंद्रमोहन बिश्नोई को 7115 वोटों से हराया था। रणबीर गंगवा को 41950 और चंद्रमोहन बिश्नोई को 34835 वोट मिले थे। हिसार में भाजपा के डॉ. कमल गुप्ता 13646 वोटों से जीते थे। उन्होंने कांग्रेस की सावित्री जिंदल को हराया था। डॉ. गुप्ता को 42285 वोट मिले थे, जबकि सावित्री जिंदल को 28639 वोट हासिल हुए थे।