नगर निगम के दिसंबर 2018 के चुनाव में भाजपा के सात पार्षदों ने जीत दर्ज की थी, लेकिन विधानसभा चुनाव आते-आते मात्र दस महीनों में भाजपा के पार्षदों की संख्या दोगुनी हो गई। सोमवार रात भाजपा प्रत्याशी डॉ. कमल गुप्ता के प्रचार के लिए आए मुख्यमंत्री मनोहरलाल के मंच पर कुछ पार्षदों ने भाजपा ज्वाइन कर ली। इससे नगर निगम में भाजपा पार्षदों की संख्या सात से बढ़कर 14 हो गई। ऐसे में निगम में विपक्षी पार्षदों का आंकड़ा मात्र पांच रह गया है। वार्ड 19 के पार्षद नरेंद्र शर्मा का निधन हो चुका है।
गौरतलब है कि निगम चुनाव में सिर्फ भाजपा ने पार्टी निशान पर चुनाव लड़ा था, जबकि अन्य पार्टियों में आस्था रखने वाले उम्मीदवार निर्दलीय मैदान में उतरे थे। शहर के 20 वार्डों में से 13 वार्डों में निर्दलीय पार्षद जीते थे।
अब तक ये पार्षद बदल चुके हैं पाला
वार्ड नंबर एक के पार्षद अनिल उर्फ टीनू जैन, वार्ड 13 से पार्षद अमिता सिंह व उनके पति उदयवीर सिंह मिंटू कांग्रेस छोड़कर, जबकि वार्ड नंबर 6 के पार्षद उमेद खन्ना जननायक जनता पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम चुके हैं। इसके अलावा वार्ड नंबर सात के पार्षद मनोहर लाल वर्मा, वार्ड नंबर नौ के पार्षद मास्टर जयप्रकाश, वार्ड नंबर 10 की पार्षद बिमला देवी, वार्ड नंबर 11 की पार्षद सरोज बाला भी भाजपा में शामिल हो चुके हैं।
भाजपा के टिकट पर इन पार्षदों को मिली थी जीत
दिसंबर 2018 में भाजपा की टिकट पर पार्षद का चुनाव जीतने वालों में वार्ड नंबर 2 की पार्षद कविता केडिया, वार्ड 4 के पार्षद अनिल सैनी, वार्ड 5 की पार्षद ज्योति भीम महाजन, वार्ड 8 के पार्षद भूपसिंह रोहिल्ला, वार्ड 15 के पार्षद प्रीतम सैनी, वार्ड 17 के पार्षद महेंद्र जुनेजा, वार्ड 18 के पार्षद जयबीर गुज्जर शामिल हैं। बाकी 13 वार्डों में भाजपा प्रत्याशियों को कहीं दूसरे तो कहीं तीसरे नंबर पर रहना पड़ा था।
अब ये बचे हैं विपक्षी पार्षद
नगर निगम में विपक्षी पार्षद मात्र पांच बचे हैं, जिनमें वार्ड नंबर तीन की पार्षद शालू पंकज दीवान, वार्ड 12 के पार्षद जगमोहन मित्तल, वार्ड 14 के पार्षद अमित ग्रोवर, वार्ड 16 के पार्षद विनोद ढांडा व वार्ड नंबर 20 की पार्षद अंबिका शर्मा शामिल हैं। इनमें से जगमोहन मित्तल व अंबिका शर्मा जिंदल परिवार के साथ जुड़े हुए हैं, जबकि शालू दीवान कुलदीप बिश्नोई के खेमे में हैं। वहीं अमित ग्रोवर की इनेलो और विनोद ढांडा की जजपा में आस्था है।
यह होगा फायदा
भाजपाई पार्षदों की संख्या बढ़ने के बाद अब सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव में बड़ा फायदा मिलेगा। पहले विपक्षी पार्षदों की एकजुटता के कारण इन दोनों पदों में से एक पद ही भाजपा को मिलने की संभावना थी। अब दोनों पदों को भाजपा आसानी से प्राप्त कर सकेगी।