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एशियन गेम्स: चीन में नवनीत और दीपका की हॉकी का चला जादू, सविता ने रोके 15 गोल

Mon, 09 Oct 2023 10:28 AM IST
नवीन दलाल अश्वनी कुमार, हिसार (हरियाणा)

सार

कांस्य पदक के लिए हुए मुकाबले में भारतीय महिला हॉकी टीम को जीत दिलाने में नवनीत और दीपिका की अहम भूमिका रही। कुरुक्षेत्र के शाहाबाद की नवनीत कौर ने पूरे टूर्नामेंट में छह मैच में छह गोल किए। पिता बूटा सिंह ने बताया कि अब नवनीत का पूरा ध्यान ओलंपिक क्वालीफाई पर रहेगा।
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महिला हॉकी टीम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चीन में हुए एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी के कांस्य पदक जीतने तक के सफर में हरियाणा की खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। पूरे मैच में हरियाणा के खिलाड़ियों ने 15 गोल किए। इसमें दो खिलाड़ियों नवनीत कौर और दीपिका ने ही 11 गोल किए हैं। वहीं, गोलकीपर सविता पूनिया दीवार की तरह डटी रहीं और 15 गोल रोके।

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कांस्य पदक के लिए हुए मुकाबले में भारतीय महिला हॉकी टीम को जीत दिलाने में नवनीत और दीपिका की अहम भूमिका रही। कुरुक्षेत्र के शाहाबाद की नवनीत कौर ने पूरे टूर्नामेंट में छह मैच में छह गोल किए। पिता बूटा सिंह ने बताया कि अब नवनीत का पूरा ध्यान ओलंपिक क्वालीफाई पर रहेगा। इसके लिए नवनीत तैयार है। एशियन गेम्स में कांस्य पदक मिलने से उनका मनोबल और आत्मविश्वास काफी बढ़ा है।

साथ ही इस टीम ने जापान को हराकर पिछली हार का बदला भी लिया है। हिसार की दीपिका ने प्रतियोगिता में कुल पांच गोल किए हैं। सिंगापुर के साथ हुए पहले मैच में दीपिका ने 1 गोल कर अपना खाता खोला था। हांगकांग के साथ हुए क्वार्टर फाइनल में दीपिका ने तीन गोल कर हैट्रिक भी बनाई। दीपिका हिसार के एचएयू स्थित कैंपस की रहने वाली हैं। वहीं, हिसार की पुलिस लाइन की रहने वाली उदिता ने भी पहले मैच में 1 गोल किया था।

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भारतीय टीम में हरियाणा की 8 बेटियों ने दिखाया दमखम 

भारतीय महिला हॉकी टीम में हरियाणा की आठ बेटियों ने दमखम दिखाया। इनमे हिसार की दीपिका, उदिता व सोनिका, कुरुक्षेत्र नवनीत कौर, सिरसा की सविता पूनिया और सोनीपत की  निशा, मोनिका व नेहा शामिल हैं।
दीपिका के पिता बोले- गोल्ड जीत जाती तो सोने पर सुहागा
दीपिका के पिता जगदीश सिंह का कहना है यदि बेटी गोल्ड जीत जाती तो सोने पर सुहागा हो जाता। खैर कोई बात नहीं पदक का रंग बदलने के लिए  आगे और भी मौके मिलेंगे। एशियन गेम्स में यहां तक पहुंचना भी बहुत बड़ी बात है। बेटी ने कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। मुझे बेटी पर गर्व हैं।

देश की बेस्ट ड्रैग फ्लीकर में से एक हैं दीपिका

सीनियर हॉकी कोच आजाद मलिक का कहना है कि दीपिका देश की बेस्ट ड्रैग फ्लीकर में से है। ड्रैग फ्लीकर का काम पेनाल्टी कॉर्नर के समय बॉल को ड्रैग कर गोल करना होता है। उन्होंने कहा कि हमें कई गोल करने के मौके मिले थे, पर हमारे खिलाड़ियों ने उन्हें गंवा दिया। अभी सुधार की जरूरत है।
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सविता समेत पूरी टीम पर था दबाव : महेंद्र 

सिरसा के जोधका से गोलकीपर सविता पूनिया के पिता महेंद्र पूनिया का कहना है कि बेटी ने 15 गोल रोके हैं। टीम पूरे कोऑर्डिनेशन के साथ खेली। सेमीफाइनल में जब चीन के साथ मैच हुआ तो भारतीय टीम पर काफी दबाव था। यदि टीम फाइनल में होती तो बिल्कुल भी प्रेशर नहीं होता।

जीत का आधार बनीं मोनिका, नेहा और निशा
सोनीपत के गांव गामड़ी और फिलहाल चंडीगढ़ निवासी मोनिका मलिक ने एशियन गेम्स में तीन मुकाबलों में टीम के लिए एक-एक गोल किया। वहीं सोनीपत के आर्य नगर की रहने वाली नेहा गोयल ने एक गोल व सोनीपत के वेस्ट रामनगर की निशा वारसी ने टीम के लिए खेल दिखाया।
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