सिटी थाने में मेहंदा के सरपंच बलजीत के साथ बदसलूकी का मामला शुक्रवार को सरपंच एसोसिएशन के दरबार में जा पहुंचा।
हांसी हलके के तमाम गांवों के सरपंच लामबंद होकर सुबह लोक निर्माण विश्राम गृह में एकत्र हो गए तथा पुलिस पर माफी मांगने के लिए दबाव बनाना शुरू किया।
तीन घंटे की जद्दोजहद के बाद डीएसपी सिद्धार्थ ढांडा ने आखिर एएसआई को मौके पर बुलाकर पीड़ित सरपंच से माफी मंगवाकर मामला शांत करवाया।
सरपंच एसोसिएशन के प्रधान सुल्तानपुर के सरपंच विजेंद्र की अगवाई में शुक्रवार को आसपास के तमाम गांवों के सरपंच यहां विश्राम गृह में एकत्र हो गए।
सरपंचों का कहना था कि पुलिस ने मेहंदा के सरपंच बलजीत के साथ बदसलूकी की है। उन्होंने मांग की कि आरोपी एएसआई को सस्पेंड किया जाना चाहिए।
विजेंद्र ने कहा कि जब गांव में किसी मामले की तफ्तीश के लिए पुलिस आती है तो गांव का सरपंच खड़ा रहता है, जबकि पुलिस को कुर्सी और पूरा मान-सम्मान देकर बैठाया जाता है।
इसके विपरीत जब सरपंच थाने में आते हैं तो बैठने के लिए कुर्सी देना तो दूर बदतमीजी के साथ पेश आया जाता है। उनका कहना था कि सिटी थाने का सिस्टम बिगड़ा हुआ है।
पुलिस कर्मी तहजीब छोड़ चुके हैं। सरपंच एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि अगर पुलिस कर्मी माफी नहीं मांगते हैं तो वे सड़क जाम करेंगे। मामले की नाजुकता को भांपते हुए डीएसपी सिद्धार्थ ढांडा विश्राम गृह में पहुंचे और सरपंचों से बातचीत शुरू की।
डीएसपी ने कहा कि वे एएसआई के व्यवहार के लिए खुद माफी मांगते हैं। इस पर सरपंचों ने कहा कि जिस एएसआई पर आरोप है, उसे यहां बुलाकर माफी मंगवाई जाए।
इसके बाद एएसआई वेद पाल को मौके पर बुलाया गया। सादे कपड़ों में सरपंचों के बीच आए एएसआई वेदपाल ने कहा कि हालांकि उसकी गलती नहीं है, फिर भी उच्चाधिकारियों के आदेश का सम्मान करते हुए वे माफी मांगते हैं।
एएसआई के माफी मांगने के साथ ही सरपंचों की जिद पूरी हो गई और वे शांत हो गए। इस दौरान सुदेश जमावड़ी, संजय कंवारी, किताब कुंभा, बलजीत पाली, कर्ण हबतपुर, राजबीर राखी, सुरेंद्र, अजीत सिंह सिसाय कालीरावण, राजेश सिसाय बोलान व कई अन्य मौजूद थे।
मेहंदा गांव का सरपंच बलजीत गुरुवार को सिटी थाने में गुमशुदगी की रपट लिखवाने के लिए आया था। बलजीत ने थाने में मौजूद मुंशी को शिकायत देते हुए रपट दर्ज करने को कहा। इसी बीच थाने में ही तैनात एएसआई वेद वहां आया तो मुंशी ने शिकायत एएसआई को दिखाई।
एएसआई ने सरपंच से कहा कि वह रपट में ड्राइविंग लाइसेंस का नंबर भी लिख दे। सरपंच ने कहा कि नंबर कहां से लिखे, वह तो गुम हो चुका है। इस पर पुलिस कर्मी ने कहा कि नंबर एसडीएम ऑफिस से मिलेगा, अन्यथा उसे फिर से लाइसेंस बनवाने के लिए दिक्कत पेश आएगी।
इसी मुद्दे पर दोनों आपस में भिड़ गए। बलजीत ने अपने सरपंच होने की बात कहते हुए रोब झाड़ा तो पुलिस भी तैश में आ गई तथा गरमागरमी होने के दौरान पुलिस ने सरपंच को बाहर का रास्ता दिखा दिया था। इस बात को लेकर सरपंच ने अपने समर्थकों को बुलाकर थाने के बाहर प्रदर्शन भी