हिसार। मिल गेट निवासी जतिन की हत्या कर शव खुर्द-बुर्द करने के मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी आशा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार करीब छह साल पहले सोशल मीडिया के जरिये आशा की आरोपी अश्वनी से जान-पहचान हुई थी। बाद में दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं और उन्होंने जतिन को अपने संबंधों में रोड़ा मानकर उसकी हत्या की साजिश रची।
पुलिस ने आशा को अदालत में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं जींद जिले के जीतगढ़ निवासी अश्वनी व लक्ष्य और हांसी जिले के उगालन निवासी रोहित को एक दिन के रिमांड पर लिया गया।
एचटीएम थाना के जांच अधिकारी कर्मजीत ने बताया कि रिमांड के दौरान आरोपियों से हत्या के कारण, घटना में शामिल अन्य लोगों और वारदात से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में पूछताछ की जाएगी। किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आने पर उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी।
करीब छह साल पहले सोशल मीडिया पर आशा और अश्वनी की जान-पहचान हुई थी। पुलिस के अनुसार दोनों साथ रहना चाहते थे और जतिन को रास्ते से हटाने के साथ उसकी प्रॉपर्टी हासिल करना चाहते थे। जतिन को गाड़ी खरीदनी थी। आशा ने उसे बताया कि अश्वनी उसके भाई का दोस्त है और गाड़ियों का काम करता है। इसके बाद जतिन ने अश्वनी से संपर्क किया। अश्वनी ने लक्ष्य और रोहित को भी साजिश में शामिल कर लिया।
ऐसे मारा था जतिन को
आरोपियों ने 13 सितंबर को वाहन के क्लेम के बहाने जतिन को बरवाला बुलाया। इससे पहले अश्वनी ने जींद से नशे की गोलियां खरीदी थीं। आरोपियों ने जतिन को बरवाला-जींद के बीच नहर किनारे बुलाकर नशे की गोलियां मिलाकर शराब पिलाई। उसके अचेत होने पर अंगोछे से गला घोंटकर हत्या कर दी और शव नहर में फेंक दिया।
स्कूटी व मोबाइल बरामद करेगी पुलिस
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से स्कूटी और मोबाइल बरामद करेगी। मोबाइल से आशा-अश्वनी और अश्वनी-लक्ष्य-रोहित के बीच हुई बातचीत व चैटिंग का पता लगाया जाएगा जो मामले में अहम सबूत हो सकते हैं। इससे हत्याकांड में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता का भी पता चल सकेगा।
यह था मामला
14 सितंबर 2026 को मिल गेट के विनोद नगर निवासी चंद्र मोहन ने अपने पुत्र जतिन के घर से लापता होने की शिकायत दी थी। थाना एचटीएम में धारा 127(6) बीएनएस के तहत गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। 16 सितंबर को जतिन का शव डाटा-गुराना माइनर से बरामद हुआ। पोस्टमार्टम में गले में फ्रैक्चर मिलने पर मामला संदिग्ध लगा। इसके बाद पुलिस ने हत्या के संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच शुरू की।