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केजरीवाल के पुरखों के नाम चल रही गिरदावरी के खिलाफ ग्राम पंचायत लामबंद

Thu, 19 May 2016 01:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
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केजरीवाल के पुरखों के नाम चल रही गिरदावरी के खिलाफ ग्राम पंचायत लामबंद - फोटो : bureau
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पुरखों के नाम चली आ रही गिरदावरी के खिलाफ खेड़ा गांव की पंचायत ने एसडीएम शालिनी चेतल के समक्ष दावा ठोका है। पंचायत का कहना है कि केजरीवाल के दादा मंगलचंद छबील दास ने 4 साल के लिए पंचायत की 103 एकड़ जमीन 400 रुपये साल के लिए पट्टे पर ली थी।
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ईंट भट्ठा चलाने के लिए ली गई यह जमीन अब बंजर हो चुकी है लेकिन गिरदावरी अभी भी अरविंद केजरीवाल के पुरखों के नाम पर चली आ रही है। पंचायत ने इस गिरदावरी को दोबारा से पंचायत के नाम करने की गुहार लगाई है।

यहां बता दें कि सीएम अरविंद केजरीवाल के दादा मंगलचंद व छबीलदास ने करीब 38 साल पहले पंचायत से ईंट भट्ठा लगाने के लिए जमीन 400 रुपये सालाना शुल्क के हिसाब से पट्टे पर ली थी। यह भट्ठा उस समय खूब चला, लेकिन धीरे-धीरे भट्ठा किन्हीं कारणों के चलते बंद कर दिया गया।
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पंचायत ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया तो राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में जमीन की गिरदावारी केजरीवाल के पुरखों के नाम दर्ज हो गई। नई पंचायत के गठन के बाद पंचायत की जमीन का रिकॉर्ड खंगाला गया तो 103 एकड़ जमीन में अलग गिरदावरी देख पंचायत प्रतिनिधियों के होश उड़ गए। इसे लेकर बुधवार को सरपंच प्रमिला देवी के नेतृत्व में गांव के लोग एसडीएम शालिनी चेतल से मिले और इस गिरदावरी को तोड़ कर पंचायत के नाम करने की मांग की।

गांव के विकास कार्य हो रहे प्रभावित : सरपंच
इस बारे में गांव की सरपंच प्रमिला देवी का कहना है कि जमीन पंचायत की है, लेकिन इसकी गिरदावरी केजरीवाल परिवार के नाम चल रही है जो किसी भी रूप से उचित नहीं है। गांव को विकास कार्यों के लिए जमीन की जरूरत है, लेकिन गिरदावरी उसमें बहुत बड़ी बाधा बनी हुई है। प्रशासन मौके का मुआयना करेगा तो असलियत उनके सामने आ जाएगी।

एक्सपर्ट व्यू
इस बारे में शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता ओमप्रकाश श्योराण के अनुसार केजरीवाल परिवार के लोगों ने जमीन पट्टे पर ली थी और वर्तमान में यहां उनका कब्जा भी नहीं है। राजस्व विभाग की लापरवाही और पूर्व की ग्राम पंचायतों की तरफ से इस तरफ ध्यान नहीं दिए जाने के कारण इस जमीन की गिरदावरी उनके नाम चढ़ गई। पंचायत का इस पर मालिकाना हक बनता है और अधिकारी मौके पर जाएंगे तो सारी स्थिति स्पष्ट भी हो जाएगी।
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