हिसार। अमेरिका-ईरान के बीच अशांति से बाजार में कई वस्तुओं की कीमतों में उछाल आया है। जिससे आमजन के साथ ही कारोबारी भी परेशान हैं। तांबा व एल्युमिनियम के रेट बढ़ने से बिजली के उपकरण महंगे हो गए हैं। तांबा-एल्युमिनियम की तार, पानी की मोटर, पंखे, कूलर के रेट बढ़ गए हैं। पिछले पांच माह से इनमें लगातार बढ़ोतरी है।
वहीं कारोबारियों की मुश्किल यह है कि ग्राहक बढ़े हुए दाम देने को तैयार नहीं है। हिसार इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट में तांबा की कीमत 1200 से बढ़कर 18 सौ रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। इसके साथ ही एल्युमिनियम की कीमत भी बढ़ गई है। जिस कारण इनसे बनने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स सामान की कीमत भी बढ़ गई है। ब्रांडेड कंपनियों ने भी अपने सामान के दाम बढ़ा दिए हैं।
इसके साथ ही लोकल कंपनियां भी अपने उपकरणों के दाम बढ़ाने पर मजबूर हुई है। जिसका प्रभाव बाजार पर देखने को मिल रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों के कारोबारियों के पास सामान्य ग्राहक घट गए है। लोग इन सबके सस्ता होने के इंतजार में इन वस्तुओं की खरीद नहीं कर रहा है। जहां इस बार सीजन की शुरुआत में मौसम सामान्य होने पर कूलर व पंखों की बिक्री पहले से ही कम थी तो अब अन्य सामान की बिक्री भी प्रभावित हुई है।
तांबे के तार बंडलों की कीमतें :
बंडल -पांच माह पहले अब
एक एमएम का बंडल 1100 1650
डेढ़ एमएम - 1700 2450
ढाई एमएम - 3100 - 3900
पंखा 48 इंच 1200 1450
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पानी की मोटर :
एक एचपी 0.75 - 3800 - 4500
आधा एचपी 2800 3500
दो एचपी 8000 - 10000 रुपये
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सामान महंगे होने से पड़ा कारोबार पर असर :
तांबा के दाम बढ़ने से इलेक्ट्रॉनिक्स सामान महंगे हो गए हैं। जिसका असर सबसे अधिक बिजली के तार बंडल व पानी की मोटर पर हुआ है। इन सब में अधिक तांबा इस्तेमाल होता है। ग्राहक महंगी वस्तु नहीं खरीद पा रहा है। जिससे से बाजार में मंदी है।
- सूर्य गोयल इलेक्ट्रॉनिक्स सामान कारोबारी हिसार।
पानी की मोटर सबसे अधिक हुई महंगी :
पानी की मोटर जो 3500 रुपये की थी आज वह एक हजार रुपये अधिक बढ़कर साढ़े चार हजार रुपये की हो गई है। इसी तरह बिजली के तार से लेकर बटन तक महंगे हो गए हैं। कूलर पंखों की मंदी पहले ही चली आ रही थी। अब सीजन में पानी की मोटर बिकती है। कारोबार में फिलहाल 60 प्रतिशत मंदा है।
- दुर्गपाल, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान कारोबारी हिसार।