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Hisar News: चानौत महापंचायत में एलान...पानी न मिलने पर 1 जून को उखाड़ देंगे भाखड़ा पाइपलाइन

Thu, 28 May 2026 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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हांसी धरने को संबोधित करते हुए सांसद जयप्रकाश। संवाद
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हांसी। गांव चानौत में पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों का 13 दिनों से चल रहा धरना अब बड़े आंदोलन में बदल गया है। वीरवार को हांसी-बरवाला रोड के किनारे हुई महापंचायत में ग्रामीणों और किसान संगठनों ने सरकार को दो टूक चेतावनी दी है। महापंचायत में निर्णय लिया गया कि अगर 1 जून तक गांव को पानी नहीं मिला तो हांसी शहर के लिए जा रही भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन को उखाड़कर सड़क पर फेंक रोड जाम किया जाएगा।
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महापंचायत में भारी भीड़ जुटने के कारण हाइवे पर जाम की स्थिति बनी रही। ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि जिस पाइपलाइन से हांसी शहर को पानी दिया जा रहा है उसी लाइन से चानौत गांव को भी स्थायी पेयजल कनेक्शन दिया जाए। महापंचायत में सांसद जयप्रकाश, इनेलो नेता अभय चौटाला, किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी, विधायक जस्सी पेटवाड़, किसान नेता सुरेश कोथ, विकास सीसर सहित कई खाप पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
सत्ता में बैठे लोग अपना फायदा चाहते है
इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला ने बताया कि मैंने जनस्वास्थ्य विभाग के एसई तरुण गर्ग से बात की। अधिकारी पानी देना चाहते हैं लेकिन सत्ता में बैठे लोग राजनीति कर रहे हैं। यह पानी हांसी की आम जनता के लिए नहीं बल्कि उन अवैध कॉलोनियों के लिए ले जाया जा रहा है जो स्थानीय विधायक विनोद भयाना सरकार के साथ मिलकर काट रहे हैं। मैं सरकार में बैठे लोगों से बात करूंगा। कमेटी जो निर्णय लेगी उसमें इनेलो का एक-एक कार्यकर्ता धरने में उनके साथ है।
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भाजपा छोड़ कर लड़ाई लड़ो

भाजपा के एक नेता ने धरने पर 51 हजार रुपये दिए तो अभय चौटाला ने कहा कि वह चंदा देकर सहानुभूति लेना चाहता है। अगर लोगों का हितैषी है तो भाजपा छोड़ ग्रामीणों के हक की लड़ाई लड़ो।
अमृत योजना का लाभ समान रूप से मिलना चाहिए
हिसार लोकसभा से सांसद जयप्रकाश ने बताया कि महापंचायत का जो भी निर्णय होगा हम उसके साथ हैं। लोगों के साथ सरासर अन्याय हो रहा है। यह सरकार और विधायक की हठधर्मिता है। अमृत योजना का लाभ गांव और शहर दोनों को समान रूप से मिलना चाहिए।
हक की लड़ाई में हम साथ खड़े
किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सरकार और प्रशासन चानौत गांव को अकेला समझने की भूल कतई न करे। इस हक की लड़ाई में पूरा हरियाणा चानौत के ग्रामीणों के साथ खड़ा है।
जब तक पानी नहीं, तब तक समझौता नहीं
धरना कमेटी के सदस्य और पूर्व सरपंच सत्यवान दूहन ने बताया कि गांव वर्षों से गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहा है और भीषण गर्मी में हालात बदतर हो चुके हैं। दो दिन पहले चंडीगढ़ में प्रशासनिक अधिकारियों और धरना कमेटी के बीच बैठक हुई थी लेकिन वह बेनतीजा रही। ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि जब तक पानी नहीं तब तक कोई समझौता नहीं होगा। 1 जून की समयसीमा के बाद होने वाले किसी भी टकराव के लिए सीधे तौर पर प्रशासन और सरकार जिम्मेदार होंगे।
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