हिसार। लुदास गांव निवानी 22 वर्षीय अमित की जहर के सेवन से मौत के मामले में परिजनों ने रविवार दोपहर करीब 1 बजकर 40 मिनट पर नागरिक अस्पताल के सामने जाम लगा दिया। परिजनों का कहना था कि ससुरालवालों से तंग आकर अमित ने यह कदम उठाया। ससुरालवालों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मृतक के परिजनों ने शव उठाने से भी मना कर दिया। जाम के दौरान एक युवक कार के आगे लेट गया। बाद में एएसपी पूजा वशिष्ठ और डीएसपी अशोक कुमार के आश्वासन पर करीब 40 मिनट बाद रास्ता खोल दिया गया। इसके बाद पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार लुदास गांव निवासी सुरेश कुमार ने बताया कि मेरा इकलौता बेटा अमित जिंदल फैक्टरी में काम करता था। पिछले साल नवंबर में आंबेडकर बस्ती निवासी युवती के साथ उसकी शादी की थी। शादी के एक माह के बाद ही बहू अपनी मां के साथ मिलकर हमें परेशान करने लगी। बेटे से बातचीत नहीं करने देते थे। फिर वह बेटे को अपने साथ आंबेडकर बस्ती ले गई। वहां जाने के बाद भी वह बेटे से मिलने नहीं देती, उसे काफी परेशान करती थी। शनिवार को निजी अस्पताल में बेटे की मौत हो गई थी। रविवार सुबह मृतक के परिजन अस्पताल परिसर में एकत्रित हुए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई। बाद में दोपहर 1 बजकर 40 मिनट पर लोग पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नागरिक अस्पताल के सामने पहुंचे और ट्रैक्टर-ट्रॉली को सड़क के बीच में खड़ा कर जाम लगा दिया।
बहन को लाने के बाद हुए झगड़े में पिलाया जहर
मृतक अमित की मां कमलेश ने बताया कि शादी के बाद से ही बहू परेशान करती थी। छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करती थी। 9 अक्तूबर को बेटे अमित को उसकी बहन को लेने के लिए उसकी ससुराल भेजा था। दोपहर बाद वह बहन को लेकर गांव आ गया था। इसके बाद वह शहर आ गया। जब अमित की पत्नी को इस बात का पता चला तो उसने अमित के साथ झगड़ा किया और परिजनों के साथ मिलकर उसे जिंदल पार्क में जबरन जहर पिला दिया, जिससे बेटे की मौत हो गई।
आरोप : घर से नकदी और जेवरात चुरा ले गई बहू और उसकी मां
कमलेश का कहना है कि उनके बेटे का शहर के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। घर पर कोई नहीं था। 12 अक्तूबर को जब हम अस्पताल में बेटे के पास थे, उस समय बहू और उसकी मां लुदास में घर पर गए और वहां पर रखे करीब साढ़े लाख रुपये के जेवरात और 85 हजार रुपये चुरा ले गईं। शनिवार को अस्पताल में आए और हमारे साथ मारपीट की। परिजनों का कहना है कि 9 अक्तूबर को अमित जिंदल पार्क में बेसुध हालत में मिला था। उसे निजी अस्पताल लेकर आए थे। पुलिस को इस बारे में सूचना दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की जबकि बेटे की बहू की शिकायत पर पुलिस तुरंत बयान लेने के लिए अस्पताल पहुंच गई।
शहर थाना पुलिस ने चार के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है, जो भी आरोपी है उन्हें जांच के बाद गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही हैं। - पूजा वशिष्ट, एएसपी
हिसार। नागरिक अस्पताल के सामने रोड जाम के दौरान कार के सामने लेटा एक युवक।- फोटो : Hisar
हिसार। नागरिक अस्पताल परिसर में मृतक के परजिनों से बातचीत करती एएसपी पूजा वशिष्ट।- फोटो : Hisar
हिसार। नागरिक अस्पताल के सामने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर रोड जाम करते।- फोटो : Hisar
हिसार। नागरिक अस्पताल के सामने रोड जाम के दौरान सड़क पर लेटकर विलाप करती मृतक युवक की मां।- फोटो : Hisar