हांसी (हिसार)। गांव महजत में रविवार रात सौतेली सास और बहू के जलने के मामले की प्रांरभिक जांच में पता चला है कि इस वारदात को बेटे रामभगत ने अंजाम दिया था। गंभीर रूप से झुलसी उसकी पत्नी भरपो देवी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 65 फीसदी जली सौतेली मां गीता अभी हिसार के निजी अस्पताल में उपचाराधीन है।
पुलिस का मानना है कि रामभगत ने नशे की लत छुड़ाने के लिए नशा मुक्ति केंद्र भिजवाने से नाराज होकर इस वारदात को अंजाम दिया था। भरपो देवी के शव को पोस्टमार्टम के लिए हांसी के नागरिक अस्पताल लाया गया था, लेकिन अधिक जला होने के कारण हिसार के नागरिक अस्पताल भेज दिया। जहां सोमवार को दो चिकित्सकों के बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सदर थाना पुलिस के मुताबिक रामभगत की बेटी रिंकी ने बताया कि पिता नशे का आदी है। नशा करने के कारण उसका मां के साथ अक्सर झगड़ा होता था। नशा छुड़वाने के लिए मां उसे कई बार नशा मुक्ति केंद्र छोड़कर आई थी। इस वजह से वह मां से रंजिश रखने लगा और घर आने पर मारपीट करता था। दोनों के बीच में कई वर्षों से झगड़ा चल रहा था। इस वजह से मां और दादी अलग रहने लगे। वह कुछ दिन पहले ससुराल डोभी से मां से मिलने आई थी। रात करीब पौने दस बजे मां के मोबाइल पर पिता का फोन आया। फोन मैंने उठाया तो पिता ने कहा था कि उनके पास कोई महिला आई हुई है। उसे देखने के लिए अपनी मां व दादी को मेरे पास भेज दे। इस पर दोनों वहां चली गईं। मैं भी उनके पीछे रवाना हो गई। दादी और मां, पिता के मकान के गेट के पास पहुंची तो उसने दोनों को अचानक अंदर खींच लिया।
मां और दादी पर छिड़क रहा था ज्वलनशील पदार्थ
रिंकी ने बताया कि वह भागकर पिता के मकान पर पहुंची, वहां देखा कि वह मां और दादी पर कोई ज्वलनशील पदार्थ छिड़क रहा था। मुझे देखकर कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। इस पर वह पड़ोसी के मकान में प्रवेश कर वहां से पिता के मकान में घुसी। अंदर देखा तो उसके होश उड़ गए। दोनों बुरी तरह से जल चुकी थीं। सबसे पहले दादी को कमरे से बाहर निकाला। मां काफी झुलसी हुई थी। उनकी मौके पर मौत हो चुकी थी। शोर मचाया तो आसपास के लोग आ गए। पड़ोसियों ने वाहन का प्रबंध किया और दादी को पहले हांसी ले गए, जहां से हिसार रेफर कर दिया।
रामभगत पर केस दर्ज कर लिया है। गीता देवी अभी उपचाराधीन हैं। अभी वह बयान देने की स्थिति में नहीं है।
- सिद्धार्थ, प्रभारी, सदर थाना