हिसार। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में छात्रों के अधिकारों के लिए होने वाले अनिश्चितकालीन धरने को किसान आंदोलन के चलते स्थगित कर दिया गया है। केएसओ की ओर से किए जाने वाले इस धरने में रखी गई मुख्य मांगे छात्र चुनाव बहाल करवाना और पीएचडी की फीस को कम करवाना है। केएसओ के प्रधान हरिकेश ढांडा ने बताया कि उनका आंदोलन विद्यार्थियों के हित को लेकर किया जा रहा था। 13 फरवरी से शुरू होने वाला यह आंदोलन अब किसान आंदोलन के कारण स्थगित किया गया है। किसान आंदोलन के समाप्त होने के बाद फिर बैठक करके आंदोलन को फिर से किया जाएगा। प्रधान हरिकेश ने बताया मांगों को लेकर वे 10 दिन पहले वीसी से मिले और उन्हें ज्ञापन भी सौंपा था। इस दौरान वीसी ने उनकी मांग को विभाग से अवगत करवाने की बात कह कर आश्वासन दिया था।
केएसओ के प्रधान हरिकेश ने बताया कि जीजेयू में पहले पीएचडी में कोर्स वर्क की फीस करीब 15 हजार रुपये थी, लेकिन इस बार 25 हजार रुपये फीस कर दी गई है। इसके अलावा प्री पीएचडी की भी फीस बढ़ाई गई है। इसके अलावा पहले सिक्योरिटी फीस 1000 रुपये थी जिसे बढ़ाकर 5000 रुपये कर दिया है। इसके अलावा गवर्नमेंट कॉलेज में बीएससी 5000 रुपये और डीएन कॉलेज में करीब 12000 रुपये जबकि विवि कैंपस में करीब 30000 रुपये है। अगर फीस को कम नहीं किया गया तो विद्यार्थी आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
मुख्य मांगें -
- छात्र संघ चुनाव को बहाल करवाया जाए।
- ईवन सेमेस्टर में जीजेयू के सभी कॉलेजों में विद्यार्थियों की नाजायज री अपीयर दी गई है। उन सभी विद्यार्थियों के पेपर बिना फीस के दोबारा से चेक होने चाहिए।
- जीजेयू ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन में फीस अन्य विश्वविद्यालय की तुलना में अधिक ले रही है उसे कम किया जाए।
- नेट व एंट्रेंस टेस्ट के आधार पर पीएचडी में हुए दाखिले की फीस कम की जाए।