लघु सचिवालय के बाहर जजपा की छात्र विंग का एचटेट के विरुद्ध में प्रदर्शन करते हुए।
हिसार। हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट) वर्ष 2024 के परिणाम में कथित धांधली की सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग के लिए मंगलवार को जननायक जनता पार्टी (जजपा) के कार्यकर्ताओं ने रोष मार्च निकाला। जजपा युवा विंग के उप प्रधान अनिल शर्मा की अध्यक्षता में कार्यकर्ताओं ने एचएयू गेट नंबर चार से लघु सचिवालय तक पैदल मार्च कर विरोध जताया।
रोष मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अनिल शर्मा ने कहा कि एचटेट 2024 के परिणामों को लेकर गंभीर अनियमितताएं और संदेहास्पद परिस्थितियां सामने आई हैं, जो परीक्षा की पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एचटेट का परिणाम पूरी तरह तैयार हो चुका था, तो उसे अचानक रिकॉल क्यों किया गया और इसके पीछे क्या कारण थे।
उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणाम जारी करने का कार्य एक पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (पीएसयू) को सौंपा गया, जबकि उक्त संस्था को इस प्रकार के परीक्षा परिणाम तैयार करने का कोई पूर्व अनुभव नहीं था। यह तथ्य भी चौंकाने वाला है कि पहली बार में परिणाम मात्र 30 दिनों में तैयार हो गया था, जबकि पुनः परिणाम तैयार करने में 110 दिन का समय क्यों लग गया। इस अत्यधिक देरी के लिए जिम्मेदार कौन है, इसका जवाब दिया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि उच्च न्यायालय के आदेशानुसार किसी भी अभ्यर्थी को अपनी ओएमआर शीट प्राप्त करने के लिए दो वर्षों का समय दिया जाता है, लेकिन एचटेट 2024 के नए परिणाम की प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को केवल 10 दिनों की अवधि ही प्रदान की गई। इससे पूरी प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ गई है। जजपा नेताओं ने कहा कि लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े इस अत्यंत संवेदनशील मामले में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।