हिसार। नवदीप कॉलोनी से गंगवा गांव तक हिसार-राजगढ़ रोड पर बिछाई जा रही 22 करोड़ रुपये के बरसाती नाले के निर्माण की जांच की गई।घटिया सामग्री के इस्तेमाल और लापरवाही की शिकायत पर बुधवार को सीएम फ्लाइंग स्क्वाॅयड की टीम मौके पर पहुंची। हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना के नेतृत्व में टीम ने निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।
टीम ने चार अलग-अलग स्थानों से निर्माण सामग्री के सैंपल लिए। इन्हें गुणवत्ता जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। लैब जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण सामग्री निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है या नहीं। जांच टीम में हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के एसडीओ भरत, जनस्वास्थ्य विभाग के जेई धीरज, एएसआई सुरेंद्र, हेड कांस्टेबल जितेंद्र, विजय और ठेकेदार कुलदीप मौजूद रहे।
कार्रवाई के दौरान आजाद नगर के निवासियों ने टीम के सामने सुरक्षा व धूल नियंत्रण के इंतजाम न होने का मुद्दा उठाया। लोगों ने बताया कि इस मुख्य मार्ग पर दिनभर भारी वाहनों की आवाजाही रहती है लेकिन निर्माण कार्य के दौरान धूल उड़ने से आसपास के निवासियों और राहगीरों का सांस लेना दूभर हो गया है। यातायात प्रबंधन और सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है।
वार्ड-19 के पार्षद सत्यवान पानू इस प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार और लापरवाही पर लगातार आवाज उठाते रहे हैं। जून महीने में उन्होंने इससे संबंधित वीडियो-फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के साथ ही निगम की बैठक में मेयर व निगमायुक्त के समक्ष भी यह मुद्दा उठाया था। मेयर द्वारा जांच के आदेश देने के बावजूद एक महीने तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई जिसके बाद पार्षद ने विजिलेंस, सीएम ऑफिस और निगमायुक्त को लिखित शिकायत भेजी। गंगवा गांव के सरपंच भगवान दास भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर कई बार सवाल उठा चुके हैं।
परियोजना का 40 फीसदी काम हो चुका पूरा
परियोजना के तहत आजाद नगर मेन रोड और आसपास की गलियों में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए 14 किलोमीटर लंबी ड्रेनेज लाइन डाली जा रही है। प्रोजेक्ट पूरा होने पर वार्ड 18 और 19 की करीब 50 हजार से अधिक आबादी और 100 से ज्यादा व्यापारिक प्रतिष्ठानों को जलभराव से राहत मिलेगी। गंगवा गांव के जलघर में डिस्पोजल व पंप चैंबर बनाकर पानी को हिसार मल्टीपर्पज ड्रेन तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही लघु सचिवालय डिस्पोजल की स्टॉर्म वाटर मशीनरी को अपग्रेड किया जाएगा। परियोजना का करीब 40 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। गंगवा में टैंक निर्माण के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने वन विभाग से एनओसी मांगी है।
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इस प्रोजेक्ट में शुरुआत से ही लापरवाही बरती जा रही है। 22 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी यदि जनता को गुणवत्तापूर्ण काम न मिले तो इसका कोई फायदा नहीं है। हमने हर स्तर पर लिखित शिकायतें दी हैं और हम काम की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित कराना चाहते हैं। - सत्यवान पानू, पार्षद वार्ड-19