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Haryana: ताऊ देवीलाल के परिवार के चारों प्रत्याशियों के चारों खाने चित; रणजीत, नैना, सुनैना व अभय को मिली हार

Wed, 05 Jun 2024 12:14 PM IST
नवीन दलाल अमरनाथ, हिसार (हरियाणा)

सार

हिसार लोकसभा सीट पर हारने का भी रिकॉर्ड बन गया है। इस सीट पर बेटा, मां, पिता, दादा, चाची के हारने का रिकॉर्ड बन गया। हिसार सीट पर दुष्यंत चौटाला खुद हार चुके हैं। उनकी मां नैना चौटाला भी इस बार हारी हैं।
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चौटाला परिवार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चौधरी देवीलाल के नाम पर वोट मांगने वाले उनके परिवार के चारों प्रत्याशियों को जनता ने नकार दिया है। हिसार के मतदाताओं ने चौधरी देवीलाल की पाठशाला के छात्र रहे इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी जयप्रकाश को उनका राजनीतिक वारिस घोषित कर दिया है। वहीं, हिसार संसदीय क्षेत्र में सबसे लंबे समय तक प्रचार करने वाले भाजपा प्रत्याशी रणजीत सिंह चौटाला हार गए हैं। रणजीत के साथ ही उनकी बहू जजपा प्रत्याशी नैना चौटाला और इनेलो उम्मीदवार सुनैना की जमानत जब्त हो गई है। उधर, कुरुक्षेत्र में इनेलो प्रत्याशी अभय चौटाला भी विरासत की सियासत में कामयाब नहीं हो सके।

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सिरसा लोकसभा सीट सुरक्षित होने के कारण रणजीत सिंह चौटाला हिसार से चुनाव लड़ने उतरे थे। इस बार चुनाव में 507043 वोट लेकर वह दूसरे नंबर पर रहे। इसी सीट से 1998 में भी कांग्रेस प्रत्याशी रहे रणजीत सिंह चौटाला चुनाव हार गए थे। यह उनकी दूसरी हार है। हालांकि उन्हें ज्यादा वोट दिलाने के लिए गृह मंत्री अमित शाह भी जनसभा करने हिसार आए थे। फिर भी ज्यादातर ग्रामीण मतदाताओं ने उन्हें इस बार भी पसंद नहीं किया। वहीं कुरुक्षेत्र से अभय चौटाला तीसरे स्थान पर रहे जबकि हिसार से इनेलो प्रत्याशी सुनैना चौटाला और जजपा प्रत्याशी नैना चौटाला क्रमश : चौथे और पांचवें स्थान पर रहीं।

उधर, कुरुक्षेत्र में इनेलो प्रत्याशी अभय चौटाला को सिर्फ 78708 वोट मिले। पिछले चुनाव में उनके बेटे कर्ण चौटाला को भी इसी सीट से हार का सामना करना पड़ा था। अभय से ज्यादा 92453 वोट सिरसा में इनेलो प्रत्याशी संदीप लोट हासिल करने में कामयाब रहे।
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जेठानी से आगे निकली देवरानी
वोट हासिल करने में देवरानी सुनैना अपनी जेठानी नैना से आगे रहीं। सुनैना को 22303 वोट मिले, वहीं बाढड़ा विधायक नैना को 22032 वोट ही मिले। दोनों के मायके हिसार में होने के बावजूद वे जमानत नहीं बचा पाईं। दोनों पहली बार लोकसभा चुनाव में उतरी थीं।


सबसे कम उम्र में सांसद बने थे दुष्यंत

चौधरी देवीलाल परिवार से हिसार लोकसभा सीट पर 6 सदस्य चुनाव लड़ चुके हैं। जिनमें 5 सदस्यों को हार का सामना करना पड़ा। इस सीट पर दुष्यंत चौटाला का भी रोचक रिकॉर्ड है। दुष्यंत चौटाला हिसार से ही सबसे कम उम्र के सांसद बने। इसके बाद 2019 के चुनाव में उनको हार का सामना करना पड़ा।
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बेटा, मां, पिता, दादा सभी हार चुके हिसार से
हिसार लोकसभा सीट पर हारने का भी रिकॉर्ड बन गया है। इस सीट पर बेटा, मां, पिता, दादा, चाची के हारने का रिकॉर्ड बन गया। हिसार सीट पर दुष्यंत चौटाला खुद हार चुके हैं। उनकी मां नैना चौटाला भी इस बार हारी हैं। दुष्यंत के पिता अजय सिंह चौटाला और दादा चौधरी ओमप्रकाश चौटाला पहले हार चुके हैं। इस बार उनकी चाची सुनैना चौटाला भी हारी हैं। उनके दादा के छोटे भाई रणजीत सिंह चौटाला भी हारे हैं।

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