हिसार। महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट का निरीक्षण कर गई डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) की टीम ने एयरपोर्ट पर 10 बिंदुओं पर काम करने जरूरत बताई है। ये कौन-कौनसे हैं, इनका अभी खुलासा नहीं किया है। इस संबंध में एयरपोर्ट अथॉरिटी को अवगत कराकर दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि जिन बिंदुओं का जिक्र किया गया है, उन पर काम करने के बाद ही एयरपोर्ट को उड़ान सेवा के लिए लाइसेंस जारी किया जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि मार्च के पहले सप्ताह तक यह काम कर लिया जाता है तो लाइसेंस मिल जाएगा।
डीजीसीए व ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी की 6 सदस्यीय टीम ने 13 व 14 फरवरी को एयरपोर्ट का निरीक्षण किया था। इस दौरान टीम ने पूर्व में लगाई गईं 44 आपत्तियों और उनसे संबंधित दस्तावेज की जांच की थी। इस दौरान टीम को कई जगह कमियां मिली थीं। निरीक्षण कार्य पूरा करने के बाद टीम 15 फरवरी को लौट गई। अब टीम ने एयरपोर्ट अथॉरिटी को उन ऑब्जर्वेशन से अवगत करवाया गया है।
पिछले साल अगस्त में भी लगाई गईं थी आपत्तियां
इससे पहले अगस्त 2024 में डीजीसीए की टीम ने तीन दिनों तक एयरपोर्ट का निरीक्षण किया था और टीम ने करीब 44 छोटी-बड़ी आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इन आपत्तियों के कारण एयरपोर्ट को लाइसेंस नहीं मिल सका था। हालांकि बाद में सभी आपत्तियों को दुरुस्त कर डीजीसीए को रिपोर्ट भेज दी गई थी।
अभी दिन में ही उड़ान सेवा का मिलेगा लाइसेंस
नाइट लैंडिंग के लिए अभी एलआईएस (लैंडिंग इंस्ट्रूमेंट सिस्टम) लगाया जाना शेष है। जब तक यह सिस्टम नहीं लगेगा, तब तक एयरपोर्ट को हवाई जहाज की नाइट लैंडिंग की अनुमति नहीं मिलेगी। इससे पहले एयरपोर्ट को लाइसेंस मिल जाता है और इसके बाद यह सिस्टम लगता है तो एयरपोर्ट अथॉरिटी को फिर से नया लाइसेंस लेना होगा, जिसमें नाइट लैंडिंग की भी अनुमति होगी। हालांकि हवाई पट्टी पर कैट आई लाइट सिस्टम लगाया जा चुका है।