हिसार। स्मॉग की वजह से शहर में वीरवार को हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच गई। सुबह 8 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 538 पर पहुंच गया, जो इस सीजन में अब तक का सर्वाधिक है। हालांकि इसके बाद हवा चलने से राहत मिली और शाम चार बजे तक एक्यूआई 197 तक आ गया लेकिन रात 8 बजे फिर से हवा बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई। मौसम विभाग ने अगले दो-तीन स्मॉग से राहत के कोई आसार नहीं जताए हैं। 3 नवंबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जो असरदार साबित होता है तो कुछ राहत मिल सकती है।
सुबह जब लोग बच्चों को स्कूल छोड़ने और टहलने के लिए बाहर निकले तो आसमान में स्मॉग की मोटी परत छाई थी। लोगों को लगा बादल छाए हैं, लेकिन थोड़ी देर बाद ही आंखों-नाक में जलन और गले में खराश का एहसास हुआ तो रुमाल, साफे और हाथ से नाक-मुंह ढकने का प्रयास किया। मास्क नहीं लगा होने से स्कूली बच्चों का काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह 11 बजे तक कुछ ऐसा ही मौसम रहा। इसके बाद हल्की धूप निकलने और हवा चलने से एक्यूआई में गिरावट आनी शुरू हुई। वेबसाइट एक्यूआई डॉट इन के मुताबिक सुबह पांच बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 375 था, जो आठ बजे 538 और 9 बजे 502 दर्ज किया गया।
शाम छह बजे बाद फिर से बढ़ने लगा एक्यूआई
शाम छह बजे बाद फिर से एक्यूआई बढ़ने लगा। रोड लाइटें धुंधली दिखने लगी। रात 8 बजे हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई। इस वक्त एक्यूआई 308 दर्ज किया गया। इस वजह से सड़कों पर वाहन चालकों को भी परेशानी का सामाना करना पड़ा।
दिन भर ये रहा एक्यूआई
समय एक्यूआई
सुबह 5 बजे 375
सुबह 7 बजे 462
सुबह 8 बजे 538
सुबह 9 बजे 502
सुबह 11 बजे 291
दोपहर 1 बजे 225
दोपहर 3 बजे 218
शाम 4 बजे 197
रात 8 बजे 308
(स्रोत- एक्यूआई डॉट इन वेबसाइट)
कैसे बनता है स्मॉग
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ गई है। इस कारण वातावरण में मौजूद धूल, धुएं व मिट्टी के कारण ऊपर नहीं जा पाते और नमी के साथ मिलकर स्मॉग की परत बना लेते हैं। अब हवा चलने या बारिश होने से ही इससे राहत मिलेगी। 3 नवंबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा जिससे मौसम में बदलाव आएगा। यह विक्षोभ असरदार साबित होता है तो स्मॉग से राहत मिल सकती है।
रोजाना 100 से अधिक मरीज पहुंच रहे जिला अस्पताल
एक्यूआई बढ़ने से आंख, नाक, गला व सांस संबंधी रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। महाराजा अग्रसेन जिला नागरिक चिकित्सालय की प्रधान चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) डॉ. रीना जैन ने बताया कि अस्पताल में ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र बिश्नोई, फिजिशियन डॉ. अजीत लाठर, डॉ. अजय चुघ व डॉ. अभिषेक रोजाना 100 से अधिक श्वास मरीजों का इलाज कर रहे हैं। मरीज खांसी, गले में खराश, आंखों में जलन व खुजली, सांस लेने में दिक्कत, आंखों से पानी आने जैसे समस्याएं लेकर अस्पताल आ रहे हैं। इन सबके पीछे कहीं न कहीं हवा में प्रदूषकों की बढ़ती मात्रा भी है। जैन ने बताया कि इस तरह के मौसम में घर से बाहर निकलने पर एन 95 मास्क लगाना चाहिए। इससे पीएम 2.5 जैसे महीन कण सांस के जरिये फेफड़ों में नहीं जा सकेंगे। आम सर्जिकल मास्क एक्यूआई बहुत ज्यादा बढ़ने पर इतना कारगर नहीं है।
ये बरतें सावधानी
- सुबह और शाम पार्कों, खुले मैदानों व सड़कों पर सैर बंद कर दें।
- घर पर रहकर ही हल्का व्यायाम करें।
- घर से बाहर जाएं तो एन 95 मास्क पहनकर ही निकलें।
- ज्यादा जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें।
- बुजुर्गों और बच्चों को खुले में जाने से रोकें।
- सांस व आंखों में जलन संबंधी दिक्कत होने पर चिकित्सक के पास जाएं।
- बाहर से घर आए हैं तो आंखें-नाक अच्छी तरह साफ करें।
हिसार की हवा कितनी खराब...डाटा सार्वजनिक नहीं कर रहे अधिकारी
हिसार में तैनात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी शहर में हवा कितनी प्रदूषित है, इसका डाटा सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं जबकि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की वेबसाइट पर प्रदेश के अन्य जिलों का औसत एक्यूआई और रियल टाइम डाटा प्रतिदिन अपलोड किया जा रहा है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि इंटरनेट की समस्या के कारण यह परेशानी आ रही है। वहीं शहर में कहीं भी ऐसी व्यवस्था नहीं है कि लोगों को हवा में प्रदूषण के स्तर की जानकारी मिल सके। पहले आईजी कार्यालय के पास डिस्प्ले बोर्ड लगा था जिस पर हवा में प्रदूषकों का रियल टाइम डाटा अपडेट होता रहता था, लेकिन करीब एक साल पहले इस डिस्प्ले बोर्ड को हटा दिया गया और अब तक दोबारा नहीं लगाया है।
पानी का छिड़काव करने वाली गाड़ियां नदारद
नगर निगम ने 23 अक्तूबर से वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए शहर में दो एंटी स्मॉग से नियमित पानी छिड़काव की व्यवस्था शुरू की थी। शुरुआत के एक-दो दिन तो गाड़ियां नजर आईं, लेकिन अब नदारद हैं। इन गाड़ियों को रवाना करते समय मेयर ने कहा था कि हर दिन सड़कों और पेड़-पौधों पर पानी का छिड़काव किया जाएगा। इसके लिए दोनों गाड़ियों के लिए बाकायदा अलग-अलग रूट तैयार किया गए। नगर निगम के पास तीन एंटी स्मॉग गन हैं, लेकिन एक्यूआई बढ़ने के बावजूद इनका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा।
इंटरनेट की दिक्कत के कारण नहीं अपलोड हो रहा डाटा
इंटरनेट समस्या के कारण वेबसाइट पर स्थानीय एक्यूआई का डाटा सीपीसीबी की वेबसाइट पर अपलोड नहीं हो पा रहा है। इसका समाधान करवाया जाएगा। पॉल्युशन डाटा डिस्प्ले बोर्ड का टेंडर खत्म हो गया था। इस वजह से बंद है। दोबारा से टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है।
- कपिल, एईई, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।