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एएचयू कैलेंडर विवाद : गलती छिपाने को रातोंरात लगाया पूर्व प्रधानमंत्री का स्टीकर

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हिसार।चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) का कैलेंडर विवाद पर मंगलवार को किसानों ने यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन किया। वहीं, एचएयू शिक्षक एसोसिएशन (हौटा) और लुवास शिक्षक एसोसिएशन (लुवास्टा)ने कैलेंडर से चौधरी चरण सिंह का फोटो हटाए जाने पर विरोध जाहिर किया है। एसोसिएशन पदाधिकारियों का कहना है कि चौधरी चरण सिंह के नाम एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, लेकिन विवि के कैलेंडर से उनका ही फोटो हटाना सरासर गलत है। वहीं, गलती छिपाने के लिए रातों रात कैलेंडर पर पूर्व प्रधानमंत्री के स्टीकर लगाए गए।
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हौटा प्रधान डॉ. प्रदीप चहल, लुवास्टा प्रधान डॉ. अशोक मलिक ने कहा कि वर्ष 2022 के कैलेंडर में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का फोटो न लगाना जानबूझकर की गई लापरवाही का देश भर में विरोध हो रहा है।
चौधरी चरण सिंह किसान मसीहा के नाम से जाने जाते थे। इस कारण विश्वविद्यालय उनके नाम से जाना जाता है। कैलेंडर पर उनका फोटो न लगाना ओछी सोच को दर्शाता है। विश्वस्तर पर अपनी पहचान रखने वाला एचएयू दलगत राजनीति का केंद्र बनता जा रहा है।
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इसके लिए एचएयू प्रशासन पूर्ण रूप से जिम्मेदार है। वहीं, डॉ. विनय महला को धरना प्रदर्शन में आने पर पानीपत तबादला करना सरासर गलत है। डॉ. विनय महला का तबादला तुरंत रद्द किया जाए। हौटा इस मुद्दे को लेकर जल्द मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री से मुलाकात करेगी।
किसान, राजनेताओं का तर्क
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वार्षिक कैलेंडर से पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का फोटो को हटा कर विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार ने महापुरुषों और किसानों का अपमान किया है। किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह के नाम पर पूरे देश में किसान दिवस मनाया जाता है। उनकी फोटो हटाकर सरकार ने अपनी किसान विरोधी मानसिकता को उजागर किया है। केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों के अस्तित्व को मिटा देना चाहती हैं। जीजेयू में स्वतंत्रता सेनानी रणबीर सिंह हुड्डा का फोटो हटाकर भाजपा सरकार अपनी मानसिकता दिखा चुकी है। - एडवोकेट योगेश सिहाग, कांग्रेस नेता
एचएयू के कैलेंडर से पूर्व प्रधानमंत्री का फोटो हटाना एचएयू प्रशासन और भाजपा सरकार की ओछी मानसिकता है। चौधरी चरण सिंह किसानों के मसीहा रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री पद पर रहे हैं। चौधरी चरण सिंह किसानों के हितों के लिए नीतियां लागू करने के लिए जाने जाते हैं। कैलेंडर से फोटो हटाना न सिर्फ चौधरी चरण सिंह का अपमान है बल्कि देश के हर किसान के आत्मसम्मान पर हमला है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार समाज को बांटने का प्रयास कर रही है। इनेलो कड़ा विरोध करती है। - रमेश चुघ, प्रवक्ता, इनेलो
एचएयू के वार्षिक शैक्षणिक कैलेंडर से चौधरी चरण सिंह का चित्र हटाना दुर्भावनापूर्ण साजिश है। यह हरियाणा सरकार व विश्वविद्यालय के शासन प्रशासन की किसान विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। इस बात से हरियाणा के किसानों में रोष है। कैलेंडर को वापस लेकर चौधरी चरण सिंह के फोटो के साथ दोबारा प्रकाशित नहीं किया गया तो हरियाणा के शासन-प्रशासन के विरोध में राज्य स्तर पर किसान आंदोलन शुरू किया जाएगा। - सूबे सिंह आर्य, पूर्व जिला पार्षद एवं कालीरामना खाप प्रतिनिधि
वार्षिक कैलेंडर से पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का फोटो को हटाना किसानों के खिलाफ हो रही साजिश का हिस्सा है। पूर्व प्रधानमंत्री की फोटो को कैलेंडर से हटाने से पूरा किसान वर्ग आक्रोशित है। फोटो इस वर्ष किसने व किसके कहने से हटाई है। सोची समझी चाल के तहत एचएयू कैलेंडर से चौधरी चरण सिंह के चित्र को हटाकर सरकार किसानों को अपमानित करने का प्रयास कर रही है। कैलेंडर को दोबारा चौधरी चरण सिंह के चित्र के साथ प्रकाशित करे अन्यथा कुलपति का घेराव किया जाएगा। - कृष्ण सातरोड़, प्रदेश उपाध्यक्ष, युवा कांग्रेस
चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वार्षिक कैलेंडर पर पूर्व प्रधानमंत्री का चित्र न लगाकर घोर लापरवाही का परिचय दिया है। हकृवि प्रशासन व सरकार ने साजिश के तहत ऐसा किया है। किसान सभा इस घिनौनी कार्रवाई की निंदा करते हुए तुरंत कैलेंडर को रद्द करने व नया कैलेंडर जिसमें चौधरी चरण सिंह का फोटो लगा हो प्रकाशित करवाने की मांग करती है। - शमशेर सिंह नंबरदार, जिला प्रधान, किसान सभा
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